अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संकेत दिया है कि वह चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ होने वाली अपनी आगामी बैठक को टाल सकते हैं। ईरान के साथ चल रहे तनाव और युद्ध की स्थिति को देखते हुए ट्रम्प ने यह बात कही है। यह बैठक मार्च के आखिर में बीजिंग में होनी थी, लेकिन अब इसकी तारीखों पर अनिश्चितता बनी हुई है। ट्रम्प चाहते हैं कि चीन हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करे क्योंकि चीन का 90 प्रतिशत तेल इसी रास्ते से आता है।

चीन और अमेरिका की बैठक टलने का मुख्य कारण क्या है?

राष्ट्रपति ट्रम्प ने एक इंटरव्यू के दौरान साफ किया कि जब तक चीन क्षेत्र की सुरक्षा में सहयोग नहीं करता, समिट का होना मुश्किल है। इसके पीछे कुछ प्रमुख कारण दिए गए हैं:

  • ईरान युद्ध के कारण खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है।
  • Strait of Hormuz से दुनिया का 20 प्रतिशत तेल गुजरता है।
  • चीन अपनी जरूरत का लगभग 90 प्रतिशत तेल इसी समुद्री रास्ते से मंगवाता है।
  • ट्रम्प का मानना है कि तेल की सुरक्षा के लिए चीन को भी अपनी जिम्मेदारी लेनी होगी।

खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों पर क्या होगा इसका असर?

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का सीधा असर खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासी भारतीयों और वहां की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। अगर समुद्री रास्ते से तेल की सप्लाई बाधित होती है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं। इससे भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम और दुबई या सऊदी अरब जैसे देशों में महंगाई पर असर पड़ सकता है। फिलहाल यह समिट 31 मार्च से 2 अप्रैल के बीच बीजिंग में तय थी, जिस पर अब संशय बना हुआ है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com