जर्मनी के चांसलर Friedrich Merz और अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump के बीच एक ज़रूरी फोन कॉल हुई है। दोनों नेताओं ने ईरान के मुद्दे पर चर्चा की और कुछ अहम बातों पर अपनी सहमति जताई। अब कोशिश यह है कि ईरान बातचीत की मेज पर वापस आए ताकि दुनिया में बढ़ते तनाव को कम किया जा सके।

Trump और Merz ने ईरान को लेकर क्या तय किया?

15 मई 2026 को हुई इस बातचीत में दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि ईरान को अब तुरंत बातचीत शुरू करनी होगी। चर्चा के दौरान यह बात साफ़ तौर पर कही गई कि ईरान को किसी भी हाल में परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिए जाएंगे। इसके साथ ही दोनों नेताओं ने मांग की कि Strait of Hormuz को फिर से खोला जाए ताकि व्यापार और आवाजाही सामान्य हो सके।

अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत क्यों रुकी हुई है?

  • यूरेनियम विवाद: अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत इस समय यूरेनियम के इस्तेमाल को लेकर रुकी हुई है।
  • चीन की भूमिका: राष्ट्रपति Trump ने चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping से भी बात की और इस बात पर सहमति जताई कि Strait of Hormuz का खुला रहना बहुत ज़रूरी है।
  • आपसी संबंध: हालांकि राष्ट्रपति Trump ने पहले जर्मनी के चांसलर Merz की आलोचना की थी, लेकिन दोनों के निजी संबंध अब भी अच्छे बने हुए हैं।

Strait of Hormuz बंद होने से क्या नुकसान हो रहा है?

Strait of Hormuz के बंद होने की वजह से यूरोप की अर्थव्यवस्था पर बहुत बुरा असर पड़ा है। चांसलर Merz ने पहले भी चिंता जताई थी कि ईरान के साथ चल रहे युद्ध और इस समुद्री रास्ते के बंद होने से आर्थिक नुकसान बढ़ रहा है। इसी वजह से अब अमेरिका और जर्मनी मिलकर ईरान पर दबाव बना रहे हैं ताकि यह रास्ता जल्द से जल्द खुल सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Trump और Merz ने ईरान से क्या मांगा है?

दोनों नेताओं ने मांग की है कि ईरान बातचीत के लिए वापस आए, परमाणु हथियार न बनाए और Strait of Hormuz को फिर से खोले।

Strait of Hormuz का खुलना क्यों ज़रूरी है?

यह रास्ता बंद होने से यूरोप की अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान हो रहा है, इसलिए व्यापार को फिर से शुरू करने के लिए इसे खोलना ज़रूरी है।