अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अभी भी ईरान पर एक बड़े और निर्णायक सैन्य हमले की योजना पर विचार कर रहे हैं। हालांकि, इसके साथ ही दोनों देशों के बीच पर्दे के पीछे बातचीत की कोशिशें भी जारी हैं। सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और कतर जैसे खाड़ी देश लगातार राष्ट्रपति ट्रंप से युद्ध रोकने और कूटनीति को प्राथमिकता देने की अपील कर रहे हैं। इन देशों को डर है कि किसी भी सैन्य कार्रवाई से खाड़ी क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।
ईरान पर हमले को लेकर क्या है ट्रंप की तैयारी?
मीडिया रिपोर्ट्स और एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ईरान के खिलाफ सैन्य विकल्प को पूरी तरह से खुला रखे हुए हैं। ट्रंप ने पहले खाड़ी देशों के नेताओं के अनुरोध पर एक नियोजित हमले को टाल दिया था, लेकिन साथ ही चेतावनी दी थी कि अगर बातचीत में सही नतीजे नहीं मिले तो अमेरिकी सेना बड़े पैमाने पर हमला करने के लिए पूरी तरह तैयार बैठी है। ट्रंप का कहना है कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होना चाहिए और इसके लिए वे किसी भी हद तक जा सकते हैं।
खाड़ी देशों और मध्यस्थों की क्या है भूमिका?
सऊदी अरब, यूएई और कतर इस पूरे विवाद को शांति से सुलझाने के लिए लगातार सक्रिय हैं। इन देशों का मानना है कि युद्ध से तेल की कीमतों और आर्थिक स्थिरता पर बुरा असर पड़ेगा। इसके साथ ही पाकिस्तान भी इस मामले में मध्यस्थ के रूप में सक्रिय है और उसके मंत्रियों ने ईरान के अधिकारियों से मुलाकात की है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बताया है कि बातचीत में मामूली प्रगति जरूर हुई है, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने के लिए अमेरिका ने अपना प्लान बी भी तैयार कर रखा है।
सैनिक शक्तियों को लेकर अमेरिकी संसद में क्या हुआ?
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में रिपब्लिकन नेतृत्व ने उस प्रस्ताव पर होने वाले मतदान को टाल दिया है, जो राष्ट्रपति ट्रंप की सैन्य शक्तियों को सीमित करने के लिए लाया जा रहा था। इससे ट्रंप को सैन्य फैसले लेने में और आसानी हो गई है। दूसरी तरफ, अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अधिकारियों का दावा है कि उनके सैन्य अभियानों ने ईरान की मिसाइल और ड्रोन बनाने की क्षमता को भारी नुकसान पहुंचाया है, जबकि ईरान के वार्ताकारों का कहना है कि वे किसी भी हमले का पूरी ताकत से जवाब देने के लिए तैयार हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या राष्ट्रपति ट्रंप ईरान पर सैन्य हमला करने वाले हैं?
राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ किया है कि यदि बातचीत के जरिए कोई ठोस समाधान नहीं निकलता है, तो अमेरिकी सेना बहुत कम समय के नोटिस पर ईरान के खिलाफ बड़ा सैन्य अभियान शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
सऊदी अरब और यूएई इस मामले में क्या कर रहे हैं?
सऊदी अरब और यूएई लगातार अमेरिकी सरकार से अपील कर रहे हैं कि बातचीत को प्राथमिकता दी जाए, क्योंकि युद्ध छिड़ने की स्थिति में खाड़ी देशों की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर सीधा असर पड़ सकता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर क्या विवाद है?
अमेरिका चाहता है कि यह समुद्री मार्ग बिना किसी रुकावट के पूरी तरह खुला रहे, जबकि ईरान इस मार्ग पर अपने नियंत्रण और यूरेनियम भंडार के मुद्दों को लेकर अमेरिका के प्रस्तावों से पूरी तरह सहमत नहीं है।
