अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को लेकर एक बहुत बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu वही करेंगे जो वह उन्हें करने को कहेंगे। Trump के मुताबिक दोनों नेता ईरान के मुद्दे पर पूरी तरह एकमत हैं। यह बात उन्होंने Air Force One में सवार होते समय पत्रकारों से कही।

Trump और Netanyahu के बीच क्या बात हुई

20 मई 2026 को Trump और Netanyahu के बीच एक लंबी और नाटकीय फोन कॉल हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दोनों नेता ईरान पर किसी बड़े फैसले के बेहद करीब हैं। Trump ने साफ किया कि वह ईरान के साथ समझौता करने की कोई जल्दबाजी में नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने काफी हद तक ईरान पर अपना कंट्रोल बना लिया है। Trump ने यह भी कहा कि वह चाहते हैं कि इस मामले में कम से कम लोग मारे जाएं।

ईरान पर हमले की तैयारी और खाड़ी देशों की भूमिका

Trump ने अपने Truth Social अकाउंट पर चेतावनी दी थी कि समय तेजी से निकल रहा है। उन्होंने रक्षा विभाग को ईरान पर बड़े पैमाने पर हमला करने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया था। हालांकि, सऊदी अरब, कतर और UAE की मांग पर 19 मई को होने वाले हमले को टाल दिया गया। इस बीच पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच रुकी हुई बातचीत को फिर से शुरू कराने की कोशिश कर रहा है।

ईरान और इसराइल का क्या है रुख

इसराइल के प्रधानमंत्री Netanyahu का कहना है कि जब तक ईरान के परमाणु ठिकाने खत्म नहीं होते और वहां से यूरेनियम नहीं हटाया जाता, तब तक यह विवाद खत्म नहीं होगा। उन्होंने Trump से अपील की कि ईरान के साथ युद्धविराम न किया जाए। दूसरी तरफ ईरान के सैन्य सलाहकार Mohsen Rezaei ने कहा कि उनकी सेना हमले के लिए तैयार है। ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने भी यह साफ कर दिया कि वे किसी भी दुश्मन के सामने नहीं झुकेंगे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Trump ने ईरान के बारे में क्या चेतावनी दी थी

Trump ने Truth Social पर लिखा था कि समय निकल रहा है और उन्होंने रक्षा विभाग को ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले के लिए तैयार रहने को कहा था।

खाड़ी देशों ने इस स्थिति में क्या भूमिका निभाई

सऊदी अरब, कतर और UAE ने अमेरिका से 19 मई को होने वाले हमले को आगे बढ़ाने का अनुरोध किया था ताकि स्थिति को संभाला जा सके।