अमेरिका और ईरान के बीच एक बड़े परमाणु समझौते की खबरें आ रही हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि यह डील लगभग पूरी हो चुकी है और जल्द ही इस पर मुहर लग सकती है। इस खबर के बाद इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के ऑफिस ने भी अपनी बात रखी है, जिससे दुनिया भर में हलचल मच गई है।
ℹ️: Trump का बड़ा दावा, ईरान के साथ हुआ ‘महासुलाह’, अब नहीं होगा हमला और खुल जाएंगे बंद बंदरगाह।
समझौते की मुख्य शर्तें और नियम
इस प्रस्तावित डील में ईरान पर कई कड़ी पाबंदियां लगाने की बात कही गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस समझौते के तहत ईरान को अपने देश से समृद्ध यूरेनियम (enriched uranium) को हटाना होगा और परमाणु सामग्री बनाने वाले बुनियादी ढांचे को खत्म करना होगा।
- ईरान के मिसाइल उत्पादन पर कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे।
- क्षेत्र में आतंकी संगठनों को मिलने वाली मदद को पूरी तरह बंद करना होगा।
- खबरों के अनुसार, 60% समृद्ध यूरेनियम को खत्म करने और अगले 15 से 20 साल तक यूरेनियम संवर्धन पर रोक लगाने पर चर्चा हुई है।
Donald Trump और Benjamin Netanyahu का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने बताया कि यह समझौता लगभग पूरा हो चुका है और ईरान के नेतृत्व ने इसे मंजूरी दे दी है। Trump के मुताबिक, यह डील आने वाले वीकेंड पर यूरोप में साइन हो सकती है और इसमें अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance भी शामिल हो सकते हैं।
वहीं, इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के ऑफिस ने कहा कि Trump ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि यह डील ईरान की परमाणु और मिसाइल क्षमताओं को पूरी तरह सीमित कर देगी। Netanyahu ने इस प्रतिबद्धता के लिए Trump का शुक्रिया अदा किया है, हालांकि इस समझौते की प्रक्रिया में इसराइल सीधे तौर पर शामिल नहीं है।
ईरान की प्रतिक्रिया और इनकार
दूसरी तरफ, ईरान ने इन सभी दावों को खारिज कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने कहा कि अभी तक किसी भी अंतिम नतीजे पर कोई सहमति नहीं बनी है। उन्होंने साफ किया कि ईरान ने कोई आखिरी फैसला नहीं लिया है और वह अपनी ‘रेड लाइन्स’ से समझौता नहीं करेगा।
ईरान की सरकारी एजेंसी Tasnim ने भी वाशिंगटन से आने वाली खबरों पर सावधानी बरतने की सलाह दी है। इसके अलावा, इसराइल के कुछ सूत्रों, जैसे Channel 12 ने भी संकेत दिया है कि उन्हें अभी तक किसी समझौते की आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है।
