28 जुलाई 2026 को व्हाइट हाउस में इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu और अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump की आमने-सामने मुलाकात हुई। फरवरी 2026 में ईरान के खिलाफ शुरू हुए सैन्य अभियान के बाद यह दोनों नेताओं की पहली सीधी बातचीत थी। इस 90 मिनट चली बैठक में JD Vance, Marco Rubio और John Ratcliffe जैसे वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने इसे एक सकारात्मक और उत्पादक बातचीत बताया है।
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रणनीति पर मतभेद और बातचीत
बैठक के दौरान ईरान के परमाणु हथियारों को रोकने के लिए दोनों देशों ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने स्वीकार किया कि ईरान को लेकर उनकी और नेतन्याहू की रणनीति में थोड़ा अंतर है। ट्रंप ने हाल ही में ईरान पर हवाई हमलों को रोककर कूटनीतिक रास्ता अपनाने की कोशिश की थी। वहीं, नेतन्याहू का मानना है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने के लिए उन पर और अधिक सैन्य हमले करने जरूरी हैं।
क्षेत्रीय स्थिति और अन्य मुद्दे
इस बैठक में लेबनान के साथ चल रहे युद्ध और Abraham Accords के विस्तार पर भी चर्चा की गई। बैठक के दौरान व्हाइट हाउस के बाहर नेतन्याहू के खिलाफ प्रदर्शनकारी भी जुटे थे। इस बीच, क्षेत्र में तनाव बना हुआ है क्योंकि ईरान-समर्थित मिलिशिया द्वारा सऊदी अरब, जॉर्डन और कतर की ओर ड्रोन भेजने की खबरें आई हैं, जबकि ईरान और ओमान के बीच हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने को लेकर बातचीत चल रही है।
