अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और इसराइली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के बीच एक बहुत ही मुश्किल फोन कॉल हुई। इस बातचीत में ईरान के साथ नए शांति प्रस्ताव पर चर्चा की गई, लेकिन दोनों नेताओं की राय एक-दूसरे से बिल्कुल अलग थी। खबरों के मुताबिक इस कॉल के बाद Netanyahu काफी नाराज दिखे और मामला अब काफी गंभीर हो गया है।
ईरान के साथ शांति प्रस्ताव में क्या है खास
Qatar और Pakistan ने मिलकर एक नया शांति प्रस्ताव तैयार किया है। इस योजना में Saudi Arabia, Turkey और Egypt का भी समर्थन मिला है। इसका मुख्य मकसद अमेरिका और ईरान के बीच की दूरियों को खत्म करना है। इस प्रस्ताव की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
- ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम पर साफ प्रतिबद्धताएं देनी होंगी।
- ईरान के जमे हुए एसेट्स (Assets) को वापस करने की शर्तों पर बात होगी।
- एक Letter of Intent तैयार किया जा रहा है जिससे 30 दिनों की बातचीत शुरू हो सके।
- इस प्रक्रिया के जरिए Strait of Hormuz को फिर से खोलने की कोशिश की जाएगी।
Trump और Netanyahu के बीच क्यों हुई अनबन
दोनों नेताओं के बीच ईरान को लेकर रणनीति पर बड़ा मतभेद दिखा। Benjamin Netanyahu बातचीत के सख्त खिलाफ थे और उन्होंने Trump से आग्रह किया कि ईरान के सैन्य बुनियादी ढांचे को कमजोर करने के लिए फिर से हमले शुरू किए जाएं। उनका मानना था कि बातचीत में देरी करने से ईरान को फायदा होगा।
वहीं Donald Trump ने कहा कि वह कूटनीति को एक आखिरी मौका देना चाहते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह जल्दबाजी में नहीं हैं, लेकिन अगर बातचीत नाकाम रही तो वह सख्त कदम उठाएंगे। बता दें कि Trump ने पहले Operation Sledgehammer के तहत हमले की योजना बनाई थी, जिसे खाड़ी देशों के अनुरोध पर रोक दिया गया था।
ईरान का मौजूदा स्टैंड और Strait of Hormuz पर अपडेट
ईरान फिलहाल अमेरिका के नए प्रस्ताव की जांच कर रहा है। हालांकि, दूसरी तरफ ईरान ने एक नया कदम उठाया है। उसने Strait of Hormuz के प्रबंधन के लिए एक नई एजेंसी बनाई है। ईरान का दावा है कि उसने इस समुद्री रास्ते को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है और अब वहां से गुजरने वाले जहाजों से फीस ली जाएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ट्रंप और नेतन्याहू के बीच विवाद का मुख्य कारण क्या था
मुख्य विवाद ईरान के प्रति रणनीति को लेकर था। नेतन्याहू सैन्य हमलों के पक्ष में थे, जबकि ट्रंप कूटनीति के जरिए समझौता करना चाहते थे।
शांति प्रस्ताव को किन देशों ने तैयार किया है
इस संशोधित शांति प्रस्ताव को Qatar और Pakistan ने तैयार किया है, जिसे Saudi Arabia, Turkey और Egypt का समर्थन मिला है।
