पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के खिलाफ परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करना चाहा था। यह चौंकाने वाला दावा एक पूर्व CIA एनालिस्ट Larry Johnson ने किया है। इस बात को लेकर अब दुनिया भर में चर्चा शुरू हो गई है और ANI News ने भी इस मुद्दे पर रिपोर्ट पेश की है।

Trump ने परमाणु हमला क्यों करना चाहा और किसने रोका?

Larry Johnson के मुताबिक, 18 अप्रैल को व्हाइट हाउस में एक इमरजेंसी मीटिंग हुई थी। इस मीटिंग के दौरान Donald Trump ईरान पर परमाणु हमला करने के लिए न्यूक्लियर कोड्स का इस्तेमाल करना चाहते थे। दावा किया गया है कि जॉइंट चीफ्स के चेयरमैन General Dan Caine ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। Johnson ने इस पूरी घटना को एक तीखी बहस और टकराव के रूप में बताया है, जहां जनरल Caine ने अपने सैन्य अधिकार का इस्तेमाल कर Trump को रोका।

क्या इस दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि हुई है?

इस पूरे मामले में अब तक पेंटागन या व्हाइट हाउस की तरफ से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। कई विशेषज्ञों ने इस दावे को बिना सबूत वाला बताया है। खुद Larry Johnson ने भी अपने ब्लॉग पर यह बात लिखी कि उनके पास इस रिपोर्ट की कोई पुख्ता पुष्टि नहीं है। साथ ही, सरकारी रिकॉर्ड में 18 अप्रैल को ऐसी किसी मीटिंग की जानकारी नहीं मिली है, जबकि 16 अप्रैल को डिफेंस सेक्रेटरी Pete Hegseth और General Dan Caine की एक ब्रीफिंग हुई थी।

Trump के व्यवहार को लेकर और क्या बातें सामने आईं?

Wall Street Journal की एक रिपोर्ट में बताया गया कि Trump के volatile व्यवहार की वजह से उन्हें ईरान के एक जरूरी रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सिचुएशन रूम से बाहर रखा गया था। रिपोर्ट के अनुसार, वे अपने सहायकों पर घंटों चिल्लाते रहे थे। वहीं, पूर्व CIA डायरेक्टर John Brennan ने भी Trump के व्यवहार पर चिंता जताई है और उन्हें पद से हटाने की मांग की है। Brennan का कहना है कि Trump का सैन्य क्षमताओं पर नियंत्रण जोखिम भरा हो सकता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

परमाणु हमले का दावा किसने किया है?

यह दावा पूर्व CIA एनालिस्ट Larry Johnson ने किया है, जिन्होंने ANI News और एक पॉडकास्ट के दौरान यह बात कही कि Trump ईरान पर परमाणु हमला करना चाहते थे।

क्या अमेरिकी सरकार ने इस खबर की पुष्टि की है?

नहीं, पेंटागन या व्हाइट हाउस की तरफ से इस दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और विशेषज्ञ इसे अपुष्ट मान रहे हैं।