ओमान की खाड़ी में अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की जान चली गई है। इस दुखद घटना पर अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि यह एक कठिन पेशा है और वे इस पर मिलकर काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने फ्रांस में हुए G7 समिट के दौरान ट्रंप से इस बारे में बात की और नाविकों की सुरक्षा पर गहरी चिंता जताई।

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अमेरिकी हमलों में भारतीयों की मौत

जून 2026 के दूसरे हफ्ते में Gulf of Oman में कई जहाजों पर हमले हुए। 11 जून को MT Settebello नाम के जहाज पर अमेरिकी सेना ने हमला किया जिसमें तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई। मरने वालों में Aditya Sharma, Shivanand Chaurasiya और Patnala Suresh शामिल थे। इनमें से दो नाविकों के शव भारत वापस लाए जा चुके हैं और बाकी बचे 21 नाविक ओमान से सुरक्षित भारत लौट रहे हैं।

इस घटना से पहले 8 जून को Palau के झंडे वाले MT Marivex जहाज पर भी हमला हुआ था जिसमें 24 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे, जिन्हें ओमान के अधिकारियों ने बचाया था।

भारत और अमेरिका के बीच तनाव

भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है। भारत सरकार ने अमेरिकी राजनयिकों को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया। Shipping Minister Sarbananda Sonowal ने इसे समुद्री परिवार के लिए एक बड़ी क्षति बताया। वहीं, Forward Seamen’s Union of India के महासचिव Manoj Yadav ने कहा कि अमेरिकी नौसेना को पता था कि जहाज पर भारतीय सवार हैं, फिर भी हमला किया गया।

अमेरिका और ईरान के बीच आरोप-प्रत्यारोप

US Central Command (CENTCOM) ने माना कि ये हमले अमेरिकी सेना ने किए थे क्योंकि जहाज ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी का उल्लंघन कर तेल ले जा रहे थे। लेकिन राष्ट्रपति Donald Trump ने इन हमलों के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया। ईरान ने इन दावों को बेबुनियाद बताया और अमेरिका पर समुद्री डकैती का आरोप लगाया।

सैकड़ों नाविक फंसे हुए हैं

Muscat में भारतीय दूतावास के मुताबिक, Strait of Hormuz और Gulf of Oman में 13 भारतीय जहाजों पर करीब 562 भारतीय नाविक फंसे हुए हैं। दूतावास लगातार अधिकारियों के संपर्क में है ताकि उन्हें सुरक्षित निकाला जा सके।