अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि ईरान के खिलाफ की गई घेराबंदी पूरी तरह से असरदार है। उन्होंने साफ किया कि अमेरिका का इस पूरी स्थिति पर पूरा कंट्रोल है। ट्रंप के मुताबिक, बमबारी से ज्यादा ईरान आर्थिक दबाव और इस नाकाबंदी से डरेगा।

ईरान की घेराबंदी और अमेरिका का असली मकसद क्या है?

अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 को ईरान के बंदरगाहों और तटीय इलाकों की नाकाबंदी शुरू की थी। इसका मुख्य मकसद ईरान के कच्चे तेल के निर्यात को रोकना है, जो खासतौर पर चीन जाता है। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपनी कमाई का जरिया खोने के बाद Strait of Hormuz को दोबारा खोले और युद्धविराम की बातचीत में शामिल हो।

किन देशों और कंपनियों पर लगा प्रतिबंध?

23 अप्रैल 2026 को अमेरिका के Treasury विभाग ने ईरान, तुर्की और UAE के 14 लोगों, कंपनियों और विमानों पर प्रतिबंध लगाए हैं। इन पर आरोप है कि ये ईरान के मिसाइल और Shahed ड्रोन प्रोग्राम के लिए हथियार और सामान पहुंचा रहे थे। इस लिस्ट में Mahan Air का नाम भी शामिल है, जिस पर हथियारों की तस्करी का आरोप है।

पाकिस्तान की अपील और मौजूदा हालात क्या हैं?

इस युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इसराइल के हमलों से हुई थी। हाल ही में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और फील्ड मार्शल Asim Munir ने ट्रंप से ईरान पर हमले रोकने की अपील की थी। इसके बाद 22 अप्रैल को ट्रंप ने नए हमलों पर रोक लगाकर युद्धविराम की अवधि बढ़ा दी थी।