अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump का प्रशासन ईरान के साथ चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए पाकिस्तान में एक बड़ी बैठक की तैयारी कर रहा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने खुद इस बात की पुष्टि की है कि उनका देश इस बातचीत की मेजबानी करने के लिए तैयार है। ट्रंप ने ईरान को एक 15 सूत्रीय शांति प्रस्ताव भेजा है और फिलहाल हमलों पर पांच दिनों की रोक लगा दी गई है। इस कदम से मिडिल ईस्ट में शांति की नई उम्मीद जगी है और पूरी दुनिया की नजर इस बैठक पर टिकी है।

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शांति प्रस्ताव में क्या है और पाकिस्तान की क्या भूमिका है?

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि वे अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के लिए तैयार और सम्मानित महसूस कर रहे हैं। इस मामले में पाकिस्तान एक मध्यस्थ के रूप में काम कर रहा है। अमेरिका ने पाकिस्तान के जरिए ईरान को 15 पॉइंट्स वाला एक शांति प्रस्ताव भेजा है। इस प्रस्ताव के मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:

  • ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों में राहत देना।
  • नागरिक परमाणु सहयोग और ईरान के मिसाइल कार्यक्रम पर सीमाएं तय करना।
  • Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही की गारंटी लेना।
  • International Atomic Energy Agency द्वारा परमाणु निगरानी की शर्त।
  • अगले कुछ दिनों के लिए सैन्य हमलों पर अस्थायी रोक लगाना।

ईरान और अमेरिका के बीच मौजूदा स्थिति क्या है?

ईरान के अधिकारियों ने अभी तक अमेरिका से किसी भी तरह की सीधी बातचीत की बात से सार्वजनिक रूप से इनकार किया है। हालांकि, उन्होंने यह स्वीकार किया है कि उन्हें मित्र देशों के माध्यम से बातचीत के संदेश मिले हैं। ईरान का सैन्य विभाग इसे अमेरिका की कोई चाल भी मान रहा है क्योंकि अमेरिका इस बीच क्षेत्र में करीब 2,000 अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती भी कर रहा है। दूसरी ओर White House की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने कहा है कि ट्रंप कूटनीति के रास्ते तलाश रहे हैं। इज़राइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu भी इस स्थिति पर नजर रखे हुए हैं क्योंकि उन्हें डर है कि ट्रंप का कोई भी समझौता इज़राइल के हितों को प्रभावित कर सकता है।

  • Abbas Araghchi
  • प्रमुख व्यक्ति भूमिका
    Donald Trump अमेरिकी राष्ट्रपति, बातचीत की पहल की
    Shehbaz Sharif पाकिस्तान के प्रधानमंत्री, मेजबान और मध्यस्थ
    ईरानी विदेश मंत्री, जिन्हें संदेश भेजा गया
    Steve Witkoff अमेरिकी विशेष दूत, वार्ता में शामिल
    Sushma Kumari

    Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com