अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच चल रहे तनाव को कम करने की कोशिशें तेज हो गई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अगर ईरान के साथ किसी ठोस समझौते पर सहमति बनती है, तो ट्रंप पाकिस्तान का दौरा कर सकते हैं। इस पूरी प्रक्रिया में पाकिस्तान एक अहम मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है जिससे युद्ध रुकने की उम्मीद जगी है।

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ईरान और अमेरिका के बीच अब तक क्या बातचीत हुई है?

15 अप्रैल 2026 को राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया कि वह युद्ध को जल्द खत्म करने के लिए सकारात्मक हैं। उन्होंने कहा कि अगर ईरान परमाणु हथियार बनाने की होड़ बंद कर देता है, तभी कोई समझौता संभव होगा। फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की अवधि को दो हफ्ते और बढ़ाने पर चर्चा चल रही है, हालांकि शर्तों पर अभी सहमति नहीं बनी है।

पाकिस्तान की क्या भूमिका है और ट्रंप वहां क्यों जाना चाहते हैं?

इस पूरे मामले में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर काफी सक्रिय हैं। ट्रंप ने बताया कि जनरल आसिम मुनीर की ईरान के साथ अच्छी बातचीत चल रही है, इसलिए वह पाकिस्तान जाने के लिए अधिक इच्छुक हैं। हालांकि, ट्रंप ने यह भी कहा कि आने वाले दौर की बातचीत पाकिस्तान के बजाय किसी यूरोपीय देश में भी आयोजित की जा सकती है।

तनाव और शांति प्रयासों की समयसीमा

तारीख मुख्य घटना
7 अप्रैल 2026 पाकिस्तानी अनुरोध पर ईरान के साथ दो हफ्ते का युद्धविराम शुरू हुआ।
13 अप्रैल 2026 इस्लामाबाद में पहली बातचीत विफल रही और ट्रंप ने ईरान की समुद्री नाकाबंदी कर दी।
14 अप्रैल 2026 ट्रंप ने बातचीत के लिए पाकिस्तान या यूरोप जाने की संभावना जताई।
15 अप्रैल 2026 ईरान ने पुष्टि की कि पाकिस्तान के जरिए अमेरिका के साथ संदेशों का आदान-प्रदान जारी है।
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.