अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने Strait of Hormuz में चल रहे ‘Project Freedom’ को फिलहाल रोकने का ऐलान किया है. यह कदम ईरान के साथ एक संभावित समझौते को पूरा करने के लिए उठाया गया है. हालांकि, राहत की बात यह है कि बातचीत चल रही है, लेकिन ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी अभी भी पूरी तरह से लागू रहेगी.
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Project Freedom क्या था और इसे क्यों रोका गया?
Project Freedom की शुरुआत 4 मई 2026 को हुई थी. इसका मकसद Strait of Hormuz से गुजरने वाले आम और निष्पक्ष व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित रास्ता देना था. राष्ट्रपति Donald Trump ने 5 मई को Truth Social पर जानकारी दी कि पाकिस्तान और कुछ अन्य देशों के अनुरोध पर इस ऑपरेशन को रोका गया है. उन्होंने बताया कि ईरान के साथ समझौते की दिशा में अच्छी प्रगति हुई है, इसलिए यह फैसला लिया गया.
ईरान की प्रतिक्रिया और अमेरिका की शर्तें क्या हैं?
इस पूरे मामले पर ईरान के नेताओं ने अलग राय रखी है. ईरानी lawmaker Ibrahim Azizi ने कहा कि Project Freedom ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्धविराम का उल्लंघन किया है. कुछ अन्य ईरानी अधिकारियों ने Trump के दावों को गलत बताया और कहा कि यह ऑपरेशन पूरी तरह फेल रहा. वहीं, अमेरिका के Secretary of State Marco Rubio ने साफ किया कि शांति के लिए ईरान को परमाणु कार्यक्रम पर Trump की शर्तों को मानना होगा और Strait of Hormuz को फिर से खोलना होगा.
ताजा हालात और अंतरराष्ट्रीय हलचल
- ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi बीजिंग गए हैं ताकि चीन के साथ क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की जा सके.
- भले ही ऑपरेशन रुका है, लेकिन Strait of Hormuz में तनाव अब भी बना हुआ है.
- अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि जब तक समझौता फाइनल नहीं होता, बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी रहेगी.
Frequently Asked Questions (FAQs)
Project Freedom ऑपरेशन कब शुरू हुआ और कब रुका?
यह सैन्य ऑपरेशन 4 मई 2026 को शुरू हुआ था और राष्ट्रपति Donald Trump ने 5 मई को इसे रोकने की घोषणा की.
क्या ईरान के बंदरगाह अब खुल गए हैं?
नहीं, राष्ट्रपति Trump ने साफ किया है कि ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी पूरी ताकत के साथ लागू रहेगी.