Trump और Pope Leo XIV के बीच छिड़ी जंग, ईरान के परमाणु हथियारों पर डोनाल्ड ट्रंप ने पोप को बताया कमज़ोर
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump और पोप Leo XIV के बीच ईरान के परमाणु हथियारों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ट्रंप का कहना है कि ईरान पूरी दुनिया के लिए एक बड़ा खतरा है और उसे परमाणु हथियार नहीं मिलने चाहिए। वहीं पोप शांति की वकालत कर रहे हैं, जिससे दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई है।
डोनाल्ड ट्रंप ने पोप Leo XIV पर क्या आरोप लगाए?
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि पोप Leo XIV ईरान के परमाणु खतरे को नहीं समझते हैं। उन्होंने Truth Social पर अपनी बात रखते हुए कहा कि यह बिल्कुल गलत है कि ईरान के पास परमाणु बम हो। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान ने पिछले दो महीनों में 42,000 मासूम प्रदर्शनकारियों की जान ली है और पोप को इस बात को मानना चाहिए। उन्होंने पोप को विदेश नीति और परमाणु हथियारों के मामले में कमज़ोर बताया।
पोप Leo XIV और अन्य नेताओं का इस पर क्या कहना है?
पोप Leo XIV ने परमाणु हथियारों के इस्तेमाल का विरोध किया है और कहा कि दुनिया को शांति की ज़रूरत है। उन्होंने साफ़ किया कि वे ट्रंप प्रशासन से नहीं डरते और उनकी बातें शांति के संदेश पर आधारित हैं। इस बीच इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni ने ट्रंप के बयानों को अस्वीकार्य बताया है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति J.D. Vance ने सुझाव दिया कि वेटिकन को सिर्फ नैतिकता की बात करनी चाहिए और पॉलिसी बनाने का काम राष्ट्रपति पर छोड़ना चाहिए।
इस पूरे विवाद की मुख्य बातें क्या हैं?
| व्यक्ति/संस्था | मुख्य बयान या स्टैंड |
|---|---|
| Donald Trump | ईरान को परमाणु हथियार नहीं मिलने चाहिए, पोप को कमज़ोर बताया |
| Pope Leo XIV | परमाणु हथियारों का विरोध और शांति की अपील की |
| Giorgia Meloni | ट्रंप की टिप्पणियों को गलत और अस्वीकार्य बताया |
| J.D. Vance | वेटिकन को सिर्फ नैतिकता पर ध्यान देना चाहिए |
| PBS News | ट्रंप के दावे को गलत (Pants on Fire) बताया |
| Cardinal McElroy | ईरान विवाद को ‘जस्ट वॉर’ की श्रेणी में नहीं माना |
| Antonio Tajani | इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी के स्टैंड का समर्थन किया |