अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान पर होने वाले एक बड़े सैन्य हमले को फिलहाल रोक दिया है। यह बड़ा फैसला उन्होंने सऊदी अरब, UAE और कतर जैसे खाड़ी देशों के अनुरोध के बाद लिया। अब पाकिस्तान की मध्यस्थता में दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है ताकि युद्ध की स्थिति को टाला जा सके और एक समझौता हो सके।

हमला क्यों रोका गया और किन देशों ने की अपील?

राष्ट्रपति Donald Trump ने बताया कि मंगलवार, 19 मई 2026 को ईरान पर हमला होना था, लेकिन खाड़ी देशों के नेताओं ने उन्हें इसे टालने का सुझाव दिया। इसमें मुख्य रूप से ये नेता शामिल थे:

  • सऊदी अरब: क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman Al Saud
  • UAE: राष्ट्रपति Mohamed bin Zayed al-Nahyan
  • कतर: अमीर Tamim bin Hamad Al Thani

इन नेताओं का मानना है कि बातचीत के जरिए एक ऐसा समझौता किया जा सकता है जिससे यह पक्का हो जाए कि ईरान कोई परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Majed al-Ansari ने बताया कि पाकिस्तान की मदद से चल रही इस बातचीत को अंतिम रूप देने के लिए और समय चाहिए।

ईरान की शर्तें क्या हैं और उसका रुख क्या है?

ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने कहा है कि वे बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन इसका मतलब आत्मसमर्पण करना नहीं है। ईरान ने अपनी कुछ मुख्य मांगें रखी हैं:

  • सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाए जाएं और ईरान के फ्रीज किए गए फंड वापस मिलें।
  • समुद्री नाकेबंदी खत्म की जाए और लेबनान में इजराइल का हमला रुके।
  • ईरान की सीमाओं के पास तैनात अमेरिकी सेना को हटाया जाए और युद्ध के नुकसान का मुआवजा दिया जाए।

वहीं, ईरान के सैन्य सलाहकार Mohsen Rezaei ने ट्रंप के फैसले का मजाक उड़ाते हुए कहा कि ईरान की ताकत ही अमेरिका को पीछे हटने पर मजबूर करेगी।

अगर समझौता नहीं हुआ तो क्या होगा?

Donald Trump ने साफ कर दिया है कि उन्होंने सैन्य नेताओं, जैसे Secretary of War Pete Hegseth और General Daniel Caine को हमला टालने का आदेश तो दिया है, लेकिन सेना पूरी तरह तैयार है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर कोई स्वीकार्य डील नहीं हुई, तो अमेरिका किसी भी समय ईरान पर बड़े पैमाने पर हमला कर सकता है।

बता दें कि अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच यह तनाव 28 फरवरी 2026 से शुरू हुआ था। हालांकि अप्रैल के मध्य से युद्धविराम लागू था, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने को लेकर विवाद अब भी जारी है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमला क्यों टाला?

सऊदी अरब, UAE और कतर के नेताओं ने अनुरोध किया था कि बातचीत के जरिए समाधान निकाला जाए। उनका मानना है कि एक ऐसा समझौता हो सकता है जिससे ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगा।

ईरान ने समझौते के लिए क्या शर्तें रखी हैं?

ईरान ने प्रतिबंध हटाने, जमा पूंजी वापस लेने, अमेरिकी सेना की वापसी और लेबनान में इजराइली हमले को रोकने जैसी शर्तें रखी हैं।

इस बातचीत में कौन सा देश मध्यस्थता कर रहा है?

पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष राजनयिक बातचीत में मध्यस्थ (mediator) की भूमिका निभा रहा है।