अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के बिजली घरों और ऊर्जा ठिकानों पर होने वाले हमलों को फिलहाल पांच दिनों के लिए टालने का फैसला किया है। ट्रंप का दावा है कि पिछले दो दिनों में ईरान के साथ बहुत ही अच्छी और सकारात्मक बातचीत हुई है, जिससे मिडिल ईस्ट में तनाव पूरी तरह खत्म हो सकता है। हालांकि, दूसरी तरफ ईरान ने अमेरिका के इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है और कहा है कि उनकी कोई बातचीत नहीं हो रही है।

ट्रंप के दावों और ईरान की सच्चाई में क्या है अंतर?

ट्रंप ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनके दूत Jared Kushner और Steve Witkoff बातचीत का नेतृत्व कर रहे हैं और कई बड़े मुद्दों पर सहमति बन गई है। ट्रंप के मुताबिक ईरान परमाणु हथियार न बनाने पर भी राजी हो गया है। लेकिन ईरान के विदेश मंत्रालय और वहां की सरकारी मीडिया ने इन बातों को झूठा बताया है। ईरान का कहना है कि ट्रंप केवल तेल की कीमतें कम करने और अपनी सैन्य योजनाओं के लिए वक्त पाने के लिए ऐसा बयान दे रहे हैं।

मिडिल ईस्ट में सुरक्षा को लेकर क्या है ताजा स्थिति?

भले ही बातचीत की खबरें आ रही हों, लेकिन जमीन पर हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं। पिछले 24 घंटों में इस क्षेत्र में कई सैन्य घटनाएं हुई हैं जो प्रवासियों और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा रही हैं। नीचे दी गई टेबल से समझिए कहां क्या हुआ:

देश/संगठन ताजा अपडेट
Saudi Arabia Riyadh की तरफ दागी गई बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन को हवा में ही मार गिराया गया।
Iran धमकी दी है कि हमला हुआ तो वे समुद्र में माइंस बिछा देंगे और तेल सप्लाई रोक देंगे।
Israel तेहरान के इलाकों पर इजरायल की तरफ से नए हमले किए गए हैं।
Hezbollah इजरायल के Kiryat Shmona शहर पर कई रॉकेट दागे गए हैं।

ओमान के विदेश मंत्री Badr Albusaidi इस समय दोनों देशों के बीच सुलह कराने की कोशिश कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने चेतावनी दी है कि अगर यह तनाव जारी रहा, तो पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान होगा। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह स्थिति काफी संवेदनशील बनी हुई है क्योंकि इससे यात्रा और तेल की कीमतों पर सीधा असर पड़ सकता है।