अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने Strait of Hormuz में चल रहे ‘Project Freedom’ को कुछ समय के लिए रोकने का फैसला किया है. इस फैसले के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने ट्रंप का शुक्रिया अदा किया है. यह कदम ईरान के साथ एक समझौते को अंतिम रूप देने के लिए उठाया गया है, ताकि इलाके में तनाव कम हो सके.
Project Freedom क्या है और इसे क्यों रोका गया?
Project Freedom की शुरुआत 4 मई 2026 को हुई थी और यह 5 मई से लागू हो गया था. इसका मकसद Strait of Hormuz में फंसे जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालना था. 6 मई 2026 को Donald Trump ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस प्रोजेक्ट को थोड़े समय के लिए रोकने का ऐलान किया. ट्रंप ने बताया कि यह फैसला पाकिस्तान और सऊदी अरब के अनुरोध पर लिया गया है, जिसमें सऊदी क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman की भी अहम भूमिका थी. हालांकि, उन्होंने साफ कर दिया कि ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी रहेगी.
पाकिस्तान का रिएक्शन और सैन्य कार्रवाई
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने Donald Trump के इस फैसले की तारीफ की है. उन्होंने ट्रंप के नेतृत्व को साहसी बताया और कहा कि उनके इस कदम से क्षेत्र में शांति और स्थिरता आएगी. पाकिस्तान ने बातचीत और डिप्लोमेसी के जरिए विवाद सुलझाने का समर्थन किया है. दूसरी तरफ, इस ऑपरेशन के शुरुआती दौर में 5 मई को US Central Command ने Strait of Hormuz में ईरान की 6 छोटी नावों को नष्ट कर दिया था. अमेरिकी सेना ने जहाजों और अपने सैनिकों की सुरक्षा के लिए F-16 विमान भी तैनात किए थे. वहीं ईरान ने अमेरिका के इस दखल को युद्धविराम का उल्लंघन बताया था.
Frequently Asked Questions (FAQs)
Project Freedom क्या है और इसकी शुरुआत कब हुई?
Project Freedom एक अमेरिकी पहल थी जिसका उद्देश्य Strait of Hormuz में फंसे जहाजों को बाहर निकालना था. इसकी घोषणा 4 मई 2026 को हुई और यह 5 मई से प्रभावी हुआ.
Donald Trump ने इस प्रोजेक्ट को क्यों रोका?
ट्रंप ने ईरान के साथ एक डील को फाइनल करने के लिए इसे अस्थायी रूप से रोका है. यह फैसला पाकिस्तान और सऊदी अरब के अनुरोध पर लिया गया.