Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही को लेकर एक बड़ी खबर आई है. डोनाल्ड Trump ने ‘Project Freedom’ नाम की एक नई मुहिम शुरू करने का ऐलान किया है, जो सोमवार सुबह से लागू होगी. इस बीच ईरान ने भी समुद्री रास्तों पर अपना कंट्रोल बढ़ाने के लिए नए नियम बना दिए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में हलचल बढ़ गई है.

Trump का ‘Project Freedom’ क्या है और इसका मकसद क्या है?

डोनाल्ड Trump ने Truth Social पर जानकारी दी कि सोमवार सुबह से अमेरिकी कोशिशें शुरू होंगी ताकि जहाजों को सुरक्षित तरीके से Strait of Hormuz से बाहर निकाला जा सके. उन्होंने इसे ‘Project Freedom’ का नाम दिया है. Trump के मुताबिक, यह कदम उन जहाजों की मदद के लिए है जो इस विवाद में शामिल नहीं हैं और जिन्हें सुरक्षित रास्ता चाहिए. उन्होंने यह भी बताया कि ईरान के साथ उनकी बातचीत सकारात्मक रही है, जिससे भविष्य में कुछ अच्छा परिणाम निकल सकता है.

ईरान के नए नियम और टोल टैक्स का विवाद

दूसरी तरफ, ईरान की Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने समुद्री रास्तों पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं. ईरानी अधिकारी अली निकज़ाद ने साफ कहा कि ईरान अपने स्टैंड से पीछे नहीं हटेगा और हालात पहले जैसे नहीं होंगे. उन्होंने दावा किया कि जो जहाज अमेरिका या इसराइल से जुड़े नहीं हैं, वे टोल टैक्स देकर गुजर सकते हैं. हालांकि, अमेरिका के ट्रेजरी विभाग ने शिपिंग कंपनियों को चेतावनी दी है कि अगर उन्होंने ईरान को किसी भी तरह का टोल दिया, तो उन पर कड़े प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं.

समुद्री रास्तों का हाल और हालिया हमले

फरवरी 2026 से Strait of Hormuz लगभग बंद पड़ा है, जिसकी वजह से दुनिया भर में तेल की सप्लाई पर बड़ा असर पड़ा है. International Energy Agency ने इसे इतिहास की सबसे बड़ी सप्लाई रुकावट बताया है. हाल ही में एक कार्गो शिप पर छोटे जहाजों द्वारा हमला भी किया गया, हालांकि सभी क्रू मेंबर्स सुरक्षित बताए गए हैं. वर्तमान में अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 से ईरान पर नेवल ब्लॉकेड लगा रखा है, जबकि पाकिस्तान दोनों देशों के बीच बातचीत कराने की कोशिश कर रहा है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

Project Freedom कब से शुरू होगा और इसका क्या काम है?

यह मुहिम सोमवार, 4 मई 2026 की सुबह से शुरू होगी. इसका मुख्य मकसद तटस्थ जहाजों को Strait of Hormuz के प्रतिबंधित रास्तों से सुरक्षित बाहर निकालना है.

ईरान ने जहाजों के गुजरने के लिए क्या शर्त रखी है?

ईरान का कहना है कि जो जहाज अमेरिका या इसराइल से जुड़े नहीं हैं, वे टोल टैक्स का भुगतान करके इस रास्ते से गुजर सकते हैं.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.