अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने खाड़ी देशों के समुद्री रास्ते में फंसे जहाजों को बाहर निकालने के लिए ‘Project Freedom’ शुरू किया है। इस मिशन का मकसद उन 850 से ज्यादा जहाजों और करीब 20 हजार नाविकों की मदद करना है जो रास्ता बंद होने की वजह से फंसे हुए थे। सोमवार सुबह से अमेरिकी नौसेना ने इस ऑपरेशन की शुरुआत कर दी है ताकि समुद्री व्यापार फिर से शुरू हो सके।
Project Freedom क्या है और इसमें क्या तैयारी है?
राष्ट्रपति Trump ने इस मिशन को एक मानवीय कदम बताया है। US Central Command (CENTCOM) ने इसकी पुष्टि की है कि इस ऑपरेशन का लक्ष्य समुद्री रास्तों को फिर से खोलना और ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी लागू करना है। इस मिशन के लिए अमेरिका ने भारी सैन्य ताकत तैनात की है, जिसमें शामिल हैं:
- गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक जहाज (Destroyers)
- 100 से ज्यादा जमीन और समुद्र आधारित विमान
- मल्टी-डोमेन मानवरहित प्लेटफॉर्म
- करीब 15,000 अमेरिकी सैनिक
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, नौसेना के जहाज सीधे तौर पर हर जहाज के साथ नहीं चलेंगे, बल्कि वे पास में रहकर ट्रैफिक का तालमेल बिठाएंगे और सुरक्षा देंगे।
ईरान और UAE के बीच क्या तनाव बढ़ा?
इस ऑपरेशन के बाद ईरान ने कड़ी चेतावनी दी है। ईरान का कहना है कि Strait of Hormuz में अमेरिका का दखल युद्धविराम का उल्लंघन है। ईरान ने दावा किया कि उसने अमेरिकी युद्धपोतों पर चेतावनी के तौर पर मिसाइलें दागीं, हालांकि अमेरिका ने इस बात से इनकार किया है। वहीं, UAE ने आरोप लगाया है कि ईरान ने खाली कच्चे तेल के टैंकरों पर ड्रोन हमले किए हैं और UAE ने इन हमलों का जवाब भी दिया है।
जहाजों के लिए क्या नए निर्देश जारी हुए?
Joint Maritime Information Center ने जहाजों के लिए एक विशेष सुरक्षा क्षेत्र बनाया है। जहाजों को सलाह दी गई है कि वे सुरक्षित रास्ते के लिए ओमान के क्षेत्रीय जल क्षेत्र का इस्तेमाल करें। अब तक दो अमेरिकी जहाजों ने सफलतापूर्वक रास्ता पार किया है। साथ ही, CENTCOM ने 50 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदला है ताकि ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी का पालन किया जा सके। शांति की दिशा में एक कदम उठाते हुए, पाकिस्तान ने अमेरिकी बलों द्वारा पकड़े गए ईरानी जहाज के 22 चालक दल के सदस्यों को वापस सौंप दिया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Project Freedom क्यों शुरू किया गया है?
यह मिशन खाड़ी में फंसे 850 से अधिक जहाजों और 20,000 नाविकों को सुरक्षित बाहर निकालने और समुद्री रास्तों को दोबारा खोलने के लिए शुरू किया गया है।
ईरान ने अमेरिकी मिशन पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
ईरान ने इसे युद्धविराम का उल्लंघन बताया है और चेतावनी दी है कि उनके क्षेत्र में आने वाले किसी भी विदेशी सैन्य बल को निशाना बनाया जाएगा।