अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पश्चिम एशिया के देशों के लिए एक बड़ा बयान जारी किया है। ट्रंप ने सऊदी अरब और कतर समेत कई मुस्लिम और अरब देशों से अपील की है कि वे ईरान के साथ होने वाले संभावित समझौते के हिस्से के रूप में अब्राहम एकॉर्ड में शामिल हों। ट्रंप ने साफ कहा कि इस ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर करना सभी के लिए जरूरी होना चाहिए, ताकि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा का एक नया ढांचा तैयार हो सके।

ट्रंप ने सऊदी अरब और कतर के लिए क्या शर्तें रखी हैं?

डोनाल्ड ट्रंप ने 25 मई 2026 को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट शेयर किया। इससे पहले 23 मई 2026 को उन्होंने कई अरब और मुस्लिम देशों के नेताओं के साथ एक बड़ी फोन कॉल पर बातचीत की थी। ट्रंप का कहना है कि ईरान के साथ बातचीत बहुत अच्छे तरीके से चल रही है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सऊदी अरब और कतर को तुरंत अब्राहम एकॉर्ड पर हस्ताक्षर करने चाहिए।

ट्रंप के अनुसार, जो देश इस समझौते का हिस्सा नहीं बनेंगे, वे इस बड़ी डील से बाहर रहेंगे क्योंकि इससे उनकी गलत मंशा का पता चलता है। इस बातचीत के दौरान जब ट्रंप ने यह बात रखी, तो सऊदी अरब, कतर और पाकिस्तान के नेताओं की तरफ से कुछ पल के लिए सन्नाटा छा गया था।

इस नए समझौते में कौन-कौन से देश शामिल हैं और सऊदी की क्या शर्त है?

अब्राहम एकॉर्ड में पहले से ही संयुक्त अरब अमीरात (UAE), बहरीन, मोरक्को, सूडान और कजाकिस्तान जैसे देश शामिल हैं। ट्रंप अब इसमें निम्नलिखित देशों को भी जोड़ना चाहते हैं:

  • सऊदी अरब
  • कतर
  • पाकिस्तान
  • तुर्की
  • मिस्र
  • जॉर्डन

ट्रंप का यहां तक मानना है कि अगर समझौता सही से आगे बढ़ा, तो आने वाले समय में खुद ईरान भी इस समझौते का हिस्सा बन सकता है। हालांकि, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान का रुख इस पर काफी अलग है। सऊदी अरब ने पहले ही साफ कर दिया है कि वह इजरायल के साथ रिश्ते तभी सामान्य करेगा जब फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र देश का दर्जा देने का कोई ठोस रास्ता साफ होगा, जिसे स्वीकार करने से इजरायल इनकार कर रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ट्रंप ने अब्राहम एकॉर्ड को लेकर क्या नया सुझाव दिया है?

ट्रंप ने सुझाव दिया है कि सऊदी अरब और कतर जैसे अरब देशों को तुरंत अब्राहम एकॉर्ड पर हस्ताक्षर करने चाहिए, जिससे ईरान के साथ होने वाली डील को और मजबूत बनाया जा सके।

सऊदी अरब का अब्राहम एकॉर्ड पर क्या रुख है?

सऊदी अरब ने साफ किया है कि इजरायल के साथ किसी भी समझौते या रिश्ते को सामान्य करने से पहले फिलिस्तीन देश के निर्माण का एक पक्का रास्ता तय होना बेहद जरूरी है।