अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump और रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin के बीच एक लंबी फोन कॉल हुई है। करीब 90 मिनट तक चली इस बातचीत में ईरान के हालात और वहां चल रहे युद्ध पर विस्तार से चर्चा की गई। पुतिन ने साफ किया कि वह ईरान के परमाणु हथियारों के खिलाफ हैं और इस मामले को सुलझाने में मदद करना चाहते हैं।
पुतिन और ट्रंप की बातचीत में क्या खास बातें हुईं?
रूस और अमेरिका के बीच हुई इस बातचीत में ईरान के परमाणु प्रोग्राम को मुख्य मुद्दा बनाया गया। पुतिन और ट्रंप दोनों इस बात पर सहमत दिखे कि इसराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को अब खत्म होना चाहिए। हालांकि, बातचीत के दौरान रूस ने अमेरिका को एक सख्त चेतावनी भी दी है।
- रूस ने अमेरिका को ईरान में किसी भी तरह का जमीनी हमला (ground operation) न करने की सलाह दी है।
- रूस का मानना है कि ऐसा कोई भी कदम पूरे क्षेत्र में तनाव को बहुत ज्यादा बढ़ा सकता है।
- पुतिन ने स्पष्ट किया कि वह नहीं चाहते कि ईरान के पास परमाणु हथियार हों।
ईरान को लेकर अमेरिका का क्या प्लान है?
Donald Trump ने ईरान के खिलाफ अपनी रणनीति साझा की है। उन्होंने बताया कि सैन्य हमलों की तुलना में नौसैनिक नाकाबंदी (naval blockade) ज्यादा असरदार है। ट्रंप ने साफ किया कि जब तक परमाणु समझौते पर बात नहीं बनती, तब तक इस नाकाबंदी को नहीं हटाया जाएगा।
दूसरी तरफ, रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने अमेरिका को अपनी खराब हालत के बारे में बताया है। ईरान ने वॉशिंगटन से आग्रह किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को जल्द खोला जाए ताकि वह अपनी लीडरशिप को फिर से व्यवस्थित कर सके।
क्षेत्रीय तनाव और अन्य अपडेट्स
इस पूरे मामले में कई अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां भी सामने आई हैं। अमेरिकी रक्षा सचिव ने ईरान संघर्ष के लिए पेंटागन के बजट का बचाव किया है। वहीं, रूस ने अभी तक यह फैसला नहीं लिया है कि उसके कर्मचारी ईरान के बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र (Bushehr nuclear power plant) में वापस जाएंगे या नहीं। व्हाइट हाउस के सूत्रों का कहना है कि ट्रंप पर इस युद्ध को जल्द खत्म करने के लिए काफी अंदरूनी दबाव है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
पुतिन ने अमेरिका को क्या चेतावनी दी है?
पुतिन ने अमेरिका को ईरान में किसी भी जमीनी सैन्य अभियान से बचने की चेतावनी दी है, क्योंकि इससे पूरे क्षेत्र में भारी तनाव और अस्थिरता पैदा हो सकती है।
ईरान ने अमेरिका से क्या मांग की है?
ईरान ने अपनी गिरती स्थिति का हवाला देते हुए अमेरिका से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को तुरंत खोलने की मांग की है ताकि वह अपनी व्यवस्था सुधार सके।