अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin के बीच ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक लंबी बातचीत हुई है। ट्रंप ने पुतिन को साफ तौर पर बताया कि वह ईरान द्वारा यूरेनियम बढ़ाने की कोशिशों से काफी चिंतित हैं। यह चर्चा 29 अप्रैल 2026 को हुई, जो करीब 90 मिनट तक चली और इसमें दुनिया की सुरक्षा से जुड़े बड़े मुद्दे शामिल थे।

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ट्रंप और पुतिन की बातचीत और रूस का प्रस्ताव

बातचीत के दौरान रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने एक बड़ा प्रस्ताव रखा था। उन्होंने सुझाव दिया कि ईरान के पास मौजूद यूरेनियम के भंडार को रूस में शिफ्ट कर दिया जाए ताकि इस विवाद को सुलझाया जा सके। लेकिन President Trump ने इस प्रस्ताव को यह कहकर ठुकरा दिया कि इससे इस बात की कोई गारंटी नहीं मिलेगी कि ईरान अपना परमाणु प्रोग्राम पूरी तरह बंद करेगा। अमेरिका को यह भी डर था कि इस कदम से अंतरराष्ट्रीय मामलों में रूस का प्रभाव और दबदबा बहुत ज्यादा बढ़ जाएगा।

ईरान के पास कितना यूरेनियम है और IAEA की रिपोर्ट

International Atomic Energy Agency (IAEA) के चीफ Rafael Grossi ने बताया कि ईरान के पास 440.9 किलोग्राम यूरेनियम है, जिसे 60% तक शुद्ध किया जा चुका है। यह स्तर परमाणु हथियार बनाने के बहुत करीब माना जाता है। Grossi के मुताबिक, इस स्टॉक से ईरान करीब 10 परमाणु बम बना सकता है। यह यूरेनियम ज्यादातर ईरान के Isfahan परमाणु कॉम्प्लेक्स में रखा गया है, हालांकि जून 2025 के बाद से वहां IAEA की जांच रुकी हुई है।

अमेरिका की चेतावनी और ईरान की शर्तें

अमेरिका की मांग है कि ईरान ‘जीरो एनरिचमेंट’ अपनाए, यानी यूरेनियम को बिल्कुल भी शुद्ध न करे। Trump ने ईरान को चेतावनी दी है कि वह जल्द ही समझदारी दिखाए और कोई डील साइन करे, वरना अमेरिकी नौसेना ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी कर सकती है। वहीं, ईरान का कहना है कि शांतिपूर्ण कामों के लिए यूरेनियम बढ़ाना उसका अधिकार है। ईरान ने विवाद खत्म करने के लिए 10 पॉइंट्स का एक प्लान दिया है, जिसमें सभी प्रतिबंधों को हटाने और उसके परमाणु कार्यक्रम को मान्यता देने की मांग की गई है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान के पास कितने परमाणु बम बनाने का सामान है

IAEA के अनुसार ईरान के पास 440.9 किलोग्राम यूरेनियम है जिसे 60% तक शुद्ध किया गया है। इस मात्रा से ईरान करीब 10 परमाणु बम बना सकता है।

अमेरिका ने रूस के प्रस्ताव को क्यों ठुकराया

ट्रंप को संदेह था कि यूरेनियम रूस ले जाने से ईरान का परमाणु प्रोग्राम पूरी तरह खत्म नहीं होगा और इससे रूस की ताकत बहुत बढ़ जाएगी।