अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा विवाद अब एक और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान के खिलाफ व्यापक सैन्य कार्रवाई के कई विकल्प दिए गए हैं। 30 जुलाई 2026 को फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों देशों के बीच लगातार जारी हमलों के बीच यह फैसला लिया गया है। यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पहले ही ईरान पर कई शक्तिशाली जवाबी हमले किए हैं।
ईरान पर हमले की योजना
एडमिरल ब्रैड कूपर ने राष्ट्रपति ट्रंप के सामने 10 से 14 दिनों तक लगातार हवाई हमले करने का प्रस्ताव रखा है। इस योजना का उद्देश्य ईरान की मिसाइल शक्ति को खत्म करना और सैन्य गतिरोध को तोड़ना है। हालांकि, जनरल डैन केन ने चेतावनी दी है कि इससे अमेरिका के एयर डिफेंस इंटरसेप्टर कम हो सकते हैं, जिससे भविष्य में जोखिम बढ़ सकता है।
क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर
ईरान द्वारा 28 जुलाई को जॉर्डन में अमेरिकी बलों पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। CENTCOM ने बताया कि उन्होंने ईरान के सैन्य कमांड सेंटरों और मिसाइल सुविधाओं पर भारी हमले किए हैं। इस संघर्ष की वजह से कुवैत में एक चीनी कंपनी की इमारत पर हमले में एक व्यक्ति की जान गई है और हॉर्मुज जलडमरूमध्य में यातायात काफी कम हो गया है। मध्य पूर्व के देशों जैसे सऊदी अरब और इजरायल ने भी अपने स्तर पर कूटनीतिक प्रयास तेज कर दिए हैं।
