अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा युद्ध अब एक बहुत ही गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ़ तौर पर कह दिया है कि वह फिलहाल किसी भी तरह के युद्धविराम के पक्ष में नहीं हैं। ट्रंप का मानना है कि अमेरिका अपने सैन्य लक्ष्यों को हासिल करने के बेहद करीब है और ईरान की सैन्य ताकत अब काफी कमजोर हो चुकी है। वहीं दूसरी तरफ ईरान के सर्वोच्च नेता मोज्तबा खामेनेई ने फारसी नए साल के मौके पर एक संदेश जारी किया है जिसमें उन्होंने अमेरिका और इजरायल को कड़ी चुनौती दी है।
डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के नेताओं के बड़े बयान
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 20 और 21 मार्च को अपने बयान में कहा कि जब आप दुश्मन को पूरी तरह खत्म करने की स्थिति में होते हैं, तो युद्धविराम नहीं किया जाता। उन्होंने दावा किया कि ईरान सैन्य रूप से लगभग खत्म हो चुका है और अमेरिका जल्द ही अपने सैन्य अभियानों को कम करने पर विचार कर सकता है। वहीं, ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई ने लिखित संदेश में कहा है कि ईरान ने अपने दुश्मनों को करारा जवाब दिया है। खामेनेई ने इजरायल पर आरोप लगाया कि वह क्षेत्र में फूट डालने के लिए गलत तरीके अपना रहा है।
खाड़ी देशों और व्यापार पर युद्ध का असर
इस युद्ध का प्रभाव अब सऊदी अरब, यूएई, कुवैत और बहरीन जैसे खाड़ी देशों पर भी दिख रहा है। पिछले 24 घंटों में कई देशों ने ड्रोन और मिसाइल हमलों को नाकाम करने की पुष्टि की है। कुवैत की मीना अल-अहमदी रिफाइनरी पर हमला हुआ है, जिससे तेल उत्पादन पर असर पड़ने की संभावना है। इसके अलावा स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में व्यापारिक जहाजों की आवाजाही लगभग रुक गई है क्योंकि वहां सुरक्षा का बड़ा खतरा पैदा हो गया है। इस युद्ध की वजह से कतर की गैस निर्यात क्षमता में भी भारी कमी आई है जिससे करोड़ों डॉलर का नुकसान हो रहा है।
| प्रमुख घटनाएं | ताजा अपडेट |
|---|---|
| मौतों का आंकड़ा | युद्ध शुरू होने से अब तक करीब 1,300 लोगों की मौत |
| कुवैत रिफाइनरी | मीना अल-अहमदी रिफाइनरी पर हमले की खबर |
| कतर गैस निर्यात | निर्यात क्षमता में 17 प्रतिशत की बड़ी गिरावट |
| सैन्य कार्यवाही | इजरायल ने तेहरान में कई ठिकानों पर हमले किए |
| स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज | जहाजों की आवाजाही कम हुई, अब तक 21 जहाजों पर हमला |
