अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को बातचीत के लिए एक नया प्रस्ताव भेजा था, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इसे खारिज कर दिया है। इस खबर के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार और तेल की कीमतों पर सीधा असर पड़ा है।
ईरान ने अमेरिका को क्या ऑफर दिया था?
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने अपने नए प्रस्ताव में कुछ बीच के रास्ते निकालने की कोशिश की है। प्रस्ताव की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
- ईरान हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) खोलने की शर्तों पर चर्चा करने को तैयार है।
- बदले में ईरान चाहता है कि अमेरिका अपने हमलों को रोके और ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी हटाए।
- ईरान ने प्रस्ताव दिया कि परमाणु मुद्दे पर बातचीत बाद में की जा सकती है, बशर्ते अमेरिका प्रतिबंधों में कुछ ढील दे।
राष्ट्रपति ट्रम्प और अमेरिकी सरकार का क्या रिएक्शन है?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 1 मई 2026 को बताया कि वह ईरान के इस प्रस्ताव से खुश नहीं हैं। उन्होंने कहा कि फोन पर बातचीत तो चल रही है, लेकिन वह किसी समझौते को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं। ट्रम्प ने सख्त शब्दों में कहा कि ईरान अभी उस स्थिति में नहीं आया है जैसा वह चाहता था, और अब उनके पास दो ही रास्ते हैं: या तो समझौता हो या फिर उन्हें पूरी तरह खत्म कर दिया जाए।
इसी बीच, अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने शिपिंग कंपनियों को कड़ी चेतावनी दी है। सरकार ने कहा है कि अगर किसी कंपनी ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए ईरान को कोई भी पैसा या दान दिया, तो उन पर कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे।
कांग्रेस की डेडलाइन और तेल बाजार का हाल
1 मई 2026 को वह 60 दिनों की कानूनी समय सीमा भी खत्म हो गई, जिसमें ट्रम्प को या तो सेना वापस बुलानी थी या कांग्रेस से मंजूरी लेनी थी। ट्रम्प ने साफ कर दिया कि वह इस समय सीमा का पालन नहीं करेंगे। दूसरी तरफ, जैसे ही ईरान के बातचीत वाले प्रस्ताव की खबर आई, दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अगर अमेरिका अपना धमकी भरा लहजा बदलता है, तो ईरान डिप्लोमेसी के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी साफ किया कि ईरान की सेना देश की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में पाकिस्तान की क्या भूमिका है?
पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच एक मध्यस्थ (Mediator) के रूप में काम कर रहा है और दोनों देशों के बीच प्रस्तावों और संदेशों को पहुँचाने का काम कर रहा है।
क्या ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत पूरी तरह बंद हो गई है?
नहीं, राष्ट्रपति ट्रम्प के मुताबिक फोन के जरिए संपर्क और बातचीत अभी भी जारी है, हालांकि दोनों देशों के बीच बुनियादी शर्तों को लेकर अब भी बड़ा मतभेद है।