अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान की शांति योजना को ठुकराने के संकेत दिए हैं। ईरान चाहता था कि Strait of Hormuz को फिर से खोल दिया जाए, लेकिन अमेरिका ने इस पर अपनी कड़ी आपत्ति जताई है। इस विवाद की वजह से दुनिया भर में तेल की कीमतों पर असर पड़ सकता है और तनाव और बढ़ सकता है।
Trump ने ईरान का प्रस्ताव क्यों ठुकराया?
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने साफ किया कि वह ईरान के शांति प्रस्ताव को आसानी से स्वीकार नहीं करेंगे। इसका मुख्य कारण ईरान का परमाणु कार्यक्रम है। अमेरिका का मानना है कि ईरान के पास बम बनाने लायक यूरेनियम का स्टॉक है, जिसे खत्म करना जरूरी है।
- परमाणु चिंता: US Secretary of State Marco Rubio ने कहा कि जब तक परमाणु हथियारों का मुद्दा हल नहीं होता, तब तक कोई समझौता नहीं होगा।
- रास्ते का कंट्रोल: अमेरिका नहीं चाहता कि Strait of Hormuz पर ईरान का नियंत्रण हो या वह वहां से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूले।
- सख्त रुख: व्हाइट हाउस की प्रवक्ता Olivia Wales ने बताया कि अमेरिका ऐसी डील ही करेगा जिससे अमेरिकी लोगों का फायदा हो और ईरान को परमाणु हथियार न मिलें।
ईरान और रूस की मुलाकात और मौजूदा हालात क्या हैं?
एक तरफ जहां अमेरिका ने सख्ती दिखाई है, वहीं दूसरी तरफ ईरान के अधिकारी रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin से मिले। ईरान ने इस diplomatic stalemate यानी बातचीत में आई रुकावट के लिए वॉशिंगटन को जिम्मेदार ठहराया है।
- रूस की भूमिका: ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने सोमवार, 27 अप्रैल 2026 को रूस का दौरा किया ताकि वहां तालमेल बिठाया जा सके।
- पाकिस्तान का जरिया: खबरों के मुताबिक ईरान ने अपना नया प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक पहुँचाया था।
- नौसेना की नाकेबंदी: फिलहाल अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों और जहाजों की समुद्री नाकेबंदी जारी रखी है।
- महँगाई का खतरा: Strait of Hormuz बंद रहने की वजह से दुनिया भर में एनर्जी की कीमतें बढ़ी हुई हैं और आगे भी ऐसी रहने की उम्मीद है।