अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के बीच एक बड़ी खबर आई है। राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान की तरफ से भेजे गए नए शांति प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। ट्रंप ने साफ कह दिया है कि वे इस प्रस्ताव से खुश नहीं हैं और उन्हें शक है कि कोई अंतिम समझौता हो पाएगा या नहीं।

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ट्रंप ईरान के प्रस्ताव से क्यों नाराज हैं?

राष्ट्रपति Donald Trump ने शुक्रवार, 1 मई 2026 को बयान दिया कि ईरान का नया प्रस्ताव उन्हें मंजूर नहीं है। उन्होंने कहा कि ईरान के अंदर दो से चार अलग-अलग गुट काम कर रहे हैं, जिसकी वजह से वहां का नेतृत्व बंटा हुआ है और बातचीत में दिक्कत आ रही है। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता Anna Kelly ने इस बात को दोहराया कि अमेरिका किसी भी हाल में ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। वहीं, अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने बताया कि युद्धविराम की वजह से 60 दिनों की समय सीमा रुक गई है, जिससे प्रशासन को फिलहाल कांग्रेस से नई मंजूरी लेने की जरूरत नहीं पड़ी है।

इस पूरे विवाद में और कौन-कौन शामिल है?

अमेरिका और ईरान के बीच चल रही इस खींचतान में कई अन्य देश और संगठन भी शामिल हैं:

  • Pakistan: पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ (Mediator) की भूमिका निभा रहा है और प्रस्तावों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचा रहा है।
  • China: चीन के यूएन राजदूत Fu Cong ने अपील की है कि युद्धविराम को बनाए रखा जाए और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को दोबारा खोला जाए।
  • Hezbollah: इस समूह ने इजराइल के सैन्य ठिकानों पर रॉकेट और ड्रोन हमले किए हैं, जिसमें कुछ सैनिक घायल हुए हैं।
  • US Special Envoy: स्टीव विटकॉफ ने परमाणु मुद्दों को फिर से बातचीत में शामिल करने के लिए संशोधनों की एक लिस्ट भेजी थी।

अमेरिका ने ईरान पर अब क्या पाबंदियां लगाई हैं?

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने ईरान के तेल व्यापार में शामिल कई संस्थाओं पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। इसमें चीन के एक पेट्रोलियम टर्मिनल ऑपरेटर और एक टैंकर कंपनी शामिल है, क्योंकि ये लोग गुप्त तरीके से तेल का व्यापार कर रहे थे। अमेरिका ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर कोई भी देश या कंपनी होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए ईरान को ‘टोल’ या पैसा देती है, तो उन पर भी प्रतिबंध लग सकते हैं। फिलहाल अमेरिकी नौसेना ने ईरानी तेल टैंकरों को रोकने के लिए नाकाबंदी जारी रखी है, जबकि ईरान ने किसी भी नए हमले पर कड़े जवाब की चेतावनी दी है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव को क्यों ठुकराया?

ट्रंप का कहना है कि ईरान का नेतृत्व बंटा हुआ है और वे परमाणु हथियारों के मुद्दे पर संतुष्ट नहीं हैं, जिसके कारण उन्होंने प्रस्ताव को खारिज कर दिया।

अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ कौन है?

पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत करवाने और प्रस्तावों के आदान-प्रदान के लिए मध्यस्थ के तौर पर काम कर रहा है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.