अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ईरान की नई शांति पेशकश से खुश नहीं हैं। उन्होंने साफ़ कर दिया है कि ईरान को किसी भी हाल में परमाणु हथियार नहीं मिलने दिए जाएंगे। फिलहाल पाकिस्तान की मदद से बातचीत चल रही है, लेकिन Trump ने चेतावनी दी है कि अगर डिप्लोमेसी काम नहीं आई तो सैन्य कार्रवाई का विकल्प खुला है।

ईरान के शांति प्रस्ताव पर Trump ने क्या कहा?

ईरान ने 30 अप्रैल को पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को एक नया शांति प्रस्ताव भेजा था। 1 मई को Trump ने इसे नाकाफी बताते हुए खारिज कर दिया। उनका कहना है कि ईरान के नेतृत्व में भारी मतभेद हैं, जिसकी वजह से बातचीत रुकी हुई है। Trump ने यह भी दावा किया कि ईरान के नेता चाहते हैं कि Strait of Hormuz की नाकेबंदी जल्द खत्म हो क्योंकि वहां हालात खराब हैं, लेकिन उन्होंने साफ़ किया कि जब तक सही समझौता नहीं होता, यह नाकेबंदी जारी रहेगी।

परमाणु हथियारों और सैन्य कार्रवाई पर क्या है अपडेट?

व्हाइट हाउस की प्रवक्ता Anna Kelly ने पुष्टि की है कि अमेरिका का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान कभी परमाणु हथियार हासिल न कर सके। Trump ने कहा कि उन्हें सैन्य हमले के तरीकों की पूरी जानकारी दी गई है, जिसे उन्होंने ‘blast the hell out of them’ कहा, हालांकि मानवीय आधार पर वह फिलहाल युद्ध नहीं चाहते। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दुनिया में किसी को भी परमाणु हथियार इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं होनी चाहिए।

जंग की स्थिति और अन्य बड़े बदलाव

  • War Powers Resolution: 1 मई की समय सीमा को देखते हुए Trump ने कांग्रेस को सूचित किया कि 7 अप्रैल से ईरान के साथ सैन्य टकराव खत्म हो गया है ताकि कानूनी नियमों का पालन हो सके।
  • सैनिकों की वापसी: यूरोपीय सहयोगियों से कम मदद मिलने के कारण अमेरिका जर्मनी से अपने लगभग 5,000 सैनिक वापस बुलाने की योजना बना रहा है।
  • Hezbollah हमला: 1 मई को Hezbollah ने इसराइल पर ड्रोन और रॉकेट हमले किए, जिसमें दो इसराइली सैनिक घायल हुए।
  • ईरान का रुख: सुप्रीम लीडर Ayatollah Mojtaba Khamenei ने कहा है कि ईरान अपनी मिसाइल और परमाणु तकनीक की रक्षा करेगा और खाड़ी क्षेत्र से विदेशी सेनाओं को बाहर निकालेगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Trump ने ईरान के प्रस्ताव को क्यों खारिज किया?

Trump का मानना है कि ईरान का नया प्रस्ताव नाकाफी है और ईरान के नेतृत्व में आपसी तालमेल की कमी है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो रही है।

Strait of Hormuz की वर्तमान स्थिति क्या है?

अमेरिका ने वहां अपनी नौसैनिक नाकेबंदी जारी रखी है। Trump का कहना है कि यह नाकेबंदी तभी हटेगी जब कोई ठोस शांति समझौता होगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.