अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान की तरफ से आए शांति प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है. ट्रंप ने इस प्रस्ताव को पूरी तरह से बेकार बताया है. इस खबर के बाद पूरी दुनिया की नजरें अब इस बात पर हैं कि क्या मिडिल ईस्ट में फिर से युद्ध छिड़ेगा और इसका असर आम लोगों की जेब पर कैसे पड़ेगा.

ईरान ने अपने शांति प्रस्ताव में क्या मांगें रखी थीं?

ईरान ने पाकिस्तानी बिचौलियों के जरिए अमेरिका को अपना जवाब भेजा था. ईरान के विदेश मंत्रालय और वहां की सरकारी मीडिया के मुताबिक उनकी मुख्य मांगें ये थीं:

  • अमेरिका जो पाबंदियां (Sanctions) लगाए हुए है, उन्हें तुरंत हटाया जाए.
  • Strait of Hormuz से अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी खत्म हो.
  • विदेशों में जमा ईरान की संपत्ति वापस दिलाई जाए.
  • युद्ध में हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाए.
  • परमाणु सुविधाओं को खत्म करने से इनकार और केवल कुछ समय के लिए परमाणु संवर्धन रोकने का वादा.
  • लेबनान सहित पूरे क्षेत्र में चल रहे संघर्ष को खत्म किया जाए.

Donald Trump ने इस प्रस्ताव को क्यों नकारा?

राष्ट्रपति Trump ने Truth Social पर इस प्रस्ताव को “पूरी तरह अस्वीकार्य” बताया. उन्होंने इसे “बेवकूफी भरा” और “कचरे का टुकड़ा” तक कह दिया. ट्रंप का कहना है कि ईरान ने इस बात का कोई भरोसा नहीं दिया कि वह कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा. अमेरिका चाहता था कि ईरान अपनी परमाणु साइट्स को पूरी तरह खत्म करे और अपने यूरेनियम भंडार को विदेश भेजे, जिसे ईरान ने मानने से मना कर दिया.

इस विवाद का आम लोगों और मार्केट पर क्या असर होगा?

जैसे ही ट्रंप ने प्रस्ताव को खारिज किया, अंतरराष्ट्रीय बाजार में खलबली मच गई. 11 मई को Brent crude तेल की कीमतें करीब 3 प्रतिशत बढ़ गईं क्योंकि दुनिया को डर है कि Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही रुक सकती है. इसके अलावा, खलीजी देशों के ऊपर ईरान के ड्रोन दिखने की खबरें आई हैं और लेबनान में इसराइली हमलों में कई लोग मारे गए हैं. अब ट्रंप 13 मई को चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping से मिलेंगे और उनसे ईरान पर दबाव बनाने को कहेंगे.

Frequently Asked Questions (FAQs)

ट्रंप ने ईरान के प्रस्ताव को क्यों खारिज किया?

ट्रंप ने इसे इसलिए खारिज किया क्योंकि ईरान ने परमाणु हथियार न बनाने की गारंटी नहीं दी और अपनी परमाणु सुविधाओं को खत्म करने से मना कर दिया.

इस खबर का तेल की कीमतों पर क्या असर पड़ा?

तनाव बढ़ने के कारण 11 मई को Brent crude तेल की कीमतों में लगभग 3 प्रतिशत का उछाल आया है.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.