अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान की तरफ से आए नए शांति प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। Trump का कहना है कि ईरान ने दुनिया और इंसानियत के साथ जो किया है, उसके लिए उसने अभी तक कोई बड़ी कीमत नहीं चुकाई है। इस वजह से अमेरिका को यह डील मंजूर नहीं लग रही है और आने वाले समय में युद्ध फिर से शुरू होने का खतरा बढ़ गया है।

Trump ने ईरान के प्रस्ताव को क्यों नकारा?

President Donald Trump ने 3 मई 2026 को साफ किया कि वह ईरान के प्रस्ताव की समीक्षा कर रहे थे, लेकिन उन्हें यह स्वीकार्य नहीं लगा। उन्होंने बताया कि ईरान कुछ ऐसी चीज़ों की मांग कर रहा है जिन पर वह सहमत नहीं हो सकते। Trump ने यह भी कहा कि पिछले 47 सालों में ईरान ने जो किया है, उसके लिए वह अब तक पर्याप्त सजा नहीं भुगता है। राष्ट्रपति ने संकेत दिए कि अगर बात नहीं बनी तो ईरान पर दोबारा हमले किए जा सकते हैं।

पाकिस्तान का क्या रोल था और अब क्या स्थिति है?

ईरान ने अपना 14 पॉइंट का प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक पहुँचाया था। इससे पहले अमेरिका ने अपनी तरफ से 9 पॉइंट का प्रस्ताव दिया था। फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच 7 अप्रैल 2026 के बाद से कोई गोलाबारी नहीं हुई है और तीन हफ्ते से युद्ध विराम (ceasefire) चल रहा है। हालांकि, तनाव अभी भी बना हुआ है और Trump ने Strait of Hormuz को फिर से खोलने के लिए एक नया प्लान भी पेश किया है।

परमाणु कार्यक्रम और UN में क्या विवाद हुआ?

अमेरिकी दूत Steve Witkoff ने पुराने प्रस्ताव में कुछ बदलाव किए हैं ताकि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को फिर से बातचीत की मेज पर लाया जा सके। इस पर ईरान के UN मिशन ने अमेरिका पर ‘पाखंड’ का आरोप लगाया है। ईरान का कहना है कि अमेरिका के पास खुद बहुत बड़ा परमाणु हथियारों का जखीरा है, फिर भी वह ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सवाल उठा रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने अमेरिका को क्या प्रस्ताव भेजा था?

ईरान ने पाकिस्तान की मध्यस्थता के जरिए 14 पॉइंट का एक प्रस्ताव अमेरिका को भेजा था, जो युद्ध खत्म करने से संबंधित था।

क्या अमेरिका और ईरान के बीच अभी युद्ध चल रहा है?

नहीं, 7 अप्रैल 2026 के बाद से दोनों पक्षों के बीच गोलाबारी बंद है और तीन हफ्ते से युद्ध विराम लागू है।