अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की शांति पेशकश को पूरी तरह खारिज कर दिया है। ट्रंप ने इसे बेकार बताया और संकेत दिए कि दोनों देशों के बीच चल रहा युद्ध विराम अब खत्म होने की कगार पर है। इस खबर के बाद पूरी दुनिया की नजरें अब ट्रंप के अगले कदम पर टिकी हैं।

ट्रंप ने ईरान के प्रस्ताव को क्यों कहा बेकार

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 10 मई 2026 को Truth Social पर ईरान के शांति प्रस्ताव को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया। 11 मई को व्हाइट हाउस में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने इस प्रस्ताव को कचरा करार दिया। ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध विराम अब बहुत कमजोर हो चुका है।

  • मुख्य कारण: ट्रंप के मुताबिक ईरान ने परमाणु कार्यक्रम और यूरेनियम भंडार पर कोई ठोस वादा नहीं किया है।
  • विवाद का मुद्दा: ईरान द्वारा युद्ध के नुकसान के लिए मुआवजे की मांग से अमेरिका नाराज है।
  • भविष्य की योजना: ट्रंप ने संकेत दिया है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलने के लिए ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ को फिर से शुरू कर सकते हैं।

ईरान की मांगें और जमीनी हालात

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने अपने प्रस्ताव का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि ईरान ने केवल अपने जायज हक मांगे हैं और अमेरिका से कोई रियायत नहीं मांगी। ईरान के प्रस्ताव में युद्ध को पूरी तरह खत्म करने, अमेरिकी प्रतिबंध हटाने और बैंकों में जमा ईरानी संपत्ति को वापस करने की मांग की गई थी।

जमीनी हालात की बात करें तो होर्मुज जलडमरूमध्य के पास हाल ही में झड़पें हुई हैं। ईरान ने दावा किया कि उसने तीन अमेरिकी नौसैनिक जहाजों पर हमला किया, हालांकि अमेरिका ने इन दावों को खारिज कर दिया। इसके जवाब में अमेरिकी विमानों ने ईरान के तट के पास केश्म द्वीप और बंदर अब्बास शहर में हमले किए।

चीन और इसराइल की भूमिका

इस तनाव के बीच ट्रंप 14-15 मई को चीन का दौरा करेंगे। वह राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बात करेंगे ताकि चीन ईरान पर दबाव बनाकर उससे रियायतें दिलवा सके। दूसरी तरफ, इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ किया है कि जब तक ईरान के परमाणु साइट्स पूरी तरह खत्म नहीं होते, यह संघर्ष जारी रहेगा। इस पूरे मामले में पाकिस्तान ने ईरान की ओर से मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव को क्यों खारिज किया?

ट्रंप ने इस प्रस्ताव को इसलिए खारिज किया क्योंकि इसमें परमाणु कार्यक्रम और यूरेनियम भंडार के भविष्य को लेकर वाशिंगटन की मुख्य मांगों को पूरा नहीं किया गया था।

ईरान ने अपने शांति प्रस्ताव में क्या मुख्य मांगें रखी थीं?

ईरान ने सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करने, अमेरिकी प्रतिबंध हटाने, जमी हुई संपत्ति वापस लेने और होर्मुज जलडमरूमध्य व लेबनान में सुरक्षा की गारंटी मांगी थी।