पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया है कि उन्होंने ईरान के संवर्धित यूरेनियम (enriched uranium) को जब्त करने के लिए सेना भेजने की योजना को खारिज कर दिया था। ट्रंप के अनुसार, यह सैन्य प्लान बहुत अधिक जोखिम भरा था और इसकी कोई जरूरत नहीं थी। इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए एक समझौते पर बातचीत चल रही है, लेकिन पैसे और यूरेनियम को लेकर दोनों देशों के बीच अभी भी पेंच फंसा हुआ है।

ट्रंप ने सैन्य योजना को क्यों बताया जोखिम भरा?

डोनाल्ड ट्रंप ने बयान दिया कि ईरान के यूरेनियम स्टॉक को कब्जे में लेने का सैन्य प्लान बहुत रिस्की था। उन्होंने कहा कि यह सामग्री सुरक्षित तरीके से बंद है और इससे तुरंत कोई खतरा नहीं है। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को काफी हद तक पूरा कर लिया है और ईरान की मिसाइल क्षमता अब पहले के मुकाबले केवल 21 से 22 प्रतिशत ही बची है। हालांकि, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट इसके विपरीत है। खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के पास अभी भी उसकी पुरानी मिसाइलों का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा सुरक्षित है।

फंड्स की रिहाई और समझौते पर फंसा है पेंच

दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत में सबसे बड़ा मुद्दा पैसों के लेन-देन का है। ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम गरीबाबादी ने मांग रखी है कि समझौता होते ही ईरान के जब्त किए गए फंड का कम से कम 50 प्रतिशत हिस्सा तुरंत जारी किया जाए और बाकी पैसा एक से दो महीने के भीतर मिल जाना चाहिए। वहीं, ईरान के सर्वोच्च नेता के सैन्य सलाहकार मोहसेन रज़ाई ने कहा है कि शांति समझौता तभी संभव है जब अमेरिका ईरान की जब्त की गई 24 अरब डॉलर की संपत्ति को जारी करे। ट्रंप ने साफ कर दिया है कि समझौता साइन होने से पहले कोई पैसा नहीं दिया जाएगा।

समुद्र में जारी है तनाव और ड्रोन हमले

समझौते की कोशिशों के बीच जमीनी स्तर पर तनाव अभी भी बना हुआ है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने बताया कि अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान के चार हमलावर ड्रोन मार गिराए। इसके बाद अमेरिकी सेना ने सुरक्षा के लिहाज से ईरान के तटीय रडार ठिकानों पर भी हमले किए। नए समझौते के तहत दोनों देशों के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से व्यापारिक जहाजों के आने-जाने पर लगी पाबंदियों को हटाने पर भी विचार किया जा रहा है ताकि वैश्विक तेल की सप्लाई सामान्य हो सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका और ईरान के बीच कोई समझौता होने वाला है?

हां, व्हाइट हाउस के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष को खत्म करने के लिए एक पन्ने का समझौता (MOU) तैयार किया जा रहा है। इसमें ईरान के परमाणु संवर्धन पर रोक और अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाने जैसे बिंदु शामिल हैं।

ईरान अपनी कितनी संपत्ति को जारी करने की मांग कर रहा है?

ईरान के सर्वोच्च नेता के सलाहकार के अनुसार, शांति समझौता तभी आगे बढ़ेगा जब अमेरिका ईरान की जब्त की गई 24 अरब डॉलर की संपत्ति को वापस करेगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.