अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने 14 जुलाई 2026 को हारमुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले मालवाहक जहाजों पर लगाए जाने वाले 20 प्रतिशत शुल्क के प्रस्ताव को वापस ले लिया है। यह निर्णय खाड़ी देशों के नेताओं के साथ हुई बातचीत के बाद लिया गया है। इस बातचीत के तहत खाड़ी देशों ने अमेरिका में बड़े पैमाने पर व्यापार और निवेश करने का वादा किया है।
क्या था विवाद और क्यों बदला फैसला
यह प्रस्तावित शुल्क 13 जुलाई 2026 को सामने आया था, जिसका उद्देश्य जलमार्ग की सुरक्षा के खर्च को पूरा करना था। इस प्रस्ताव का ब्रिटेन और संयुक्त राष्ट्र की शिपिंग एजेंसी सहित कई देशों ने कड़ा विरोध किया था। आलोचकों ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और आर्थिक जबरन वसूली करार दिया था। ईरान के विदेश मंत्री ने भी इस प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया दी थी।
ईरान पर बना रहेगा पूर्ण नाकेबंदी
शुल्क वापस लेने के बावजूद, Donald Trump ने यह स्पष्ट किया कि अमेरिकी सेना ईरान के बंदरगाहों पर जाने वाले या ईरानी कार्गो ले जाने वाले जहाजों पर पूर्ण नाकेबंदी जारी रखेगी। अमेरिकी सैन्य कमान CENTCOM ने पुष्टि की है कि ईरान के लिए जाने वाले और वहां से आने वाले समुद्री यातायात को रोका जाएगा। इस फैसले का मतलब है कि हारमुज जलडमरूमध्य ईरान को छोड़कर बाकी सभी के लिए खुला रहेगा, जबकि क्षेत्र में जारी तनाव के कारण स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।
