अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ किसी भी संभावित समझौते को लेकर बहुत कड़ा रुख अपनाया है। ट्रम्प ने साफ कर दिया है कि ईरान के साथ होने वाले किसी भी समझौते के तहत प्रतिबंधों में कोई तत्काल राहत नहीं दी जाएगी और न ही उसके रोके गए पैसों को पहले रिलीज किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका ईरान के संवर्धित यूरेनियम को हर हाल में हासिल करके रहेगा, चाहे इसके लिए कोई भी रास्ता अपनाना पड़े।

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अमेरिका ने ईरान के सामने क्या शर्तें रखी हैं?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अगर ईरान सही तरीके से व्यवहार करता है, तभी उसके पैसों को जारी करने और प्रतिबंधों को हटाने पर बातचीत शुरू की जा सकती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर ईरान ने सहयोग करने से मना किया, तो अमेरिका के पास सैन्य कार्रवाई का विकल्प अभी भी खुला हुआ है। ट्रम्प का दावा है कि अमेरिका ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है और अब उनके पास युद्ध से पहले की तुलना में केवल 21 से 22 प्रतिशत मिसाइल स्टॉक ही बचा है।

ईरान की मांग और गल्फ देशों के नुकसान की भरपाई पर क्या है योजना?

ईरान के सर्वोच्च नेता के सलाहकार मोहसन रज़ाई ने कहा है कि तीन महीने पुराने युद्ध को समाप्त करने के लिए अमेरिका में रोके गए ईरान के 24 अरब डॉलर के फंड को जारी करना एक जरूरी शर्त है। हालांकि, अमेरिका के ट्रेजरी विभाग के सचिव स्कॉट बेसेंट एक अलग योजना पर काम कर रहे हैं। इस योजना के तहत ईरान के रोके गए पैसों का इस्तेमाल गल्फ देशों, जैसे कुवैत और अन्य सहयोगियों को हुए युद्ध के नुकसान की भरपाई करने के लिए किया जा सकता है। कुवैत ने हाल ही में अपने हवाई अड्डे को निशाना बनाए जाने के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन में औपचारिक विरोध भी दर्ज कराया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका ईरान को कोई वित्तीय राहत देने जा रहा है?

नहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने साफ कहा है कि जब तक ईरान अपनी परमाणु गतिविधियों को बंद नहीं करता और सही तरीके से व्यवहार नहीं करता, तब तक रोके गए पैसे जारी नहीं किए जाएंगे।

ईरान के रोके गए पैसों का इस्तेमाल अमेरिका कैसे कर सकता है?

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की योजना के अनुसार, ईरान के रोके गए फंड का इस्तेमाल कुवैत सहित अन्य गल्फ देशों में हुए युद्ध के नुकसान की भरपाई के लिए किया जा सकता है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com