अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर एक बड़ा बयान दिया है। ट्रम्प ने एक काल्पनिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि अगर ईरान अपनी सेना और हवाई सेना को खत्म कर पूरी तरह सरेंडर भी कर देता है, तब भी उनके राजनीतिक विरोधी डेमोक्रेट्स और अमेरिकी मीडिया इसे अमेरिका पर ईरान की जीत के रूप में दिखाएंगे। ट्रम्प ने मीडिया और विपक्षी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे पूरी तरह से रास्ता भटक चुके हैं।
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ट्रम्प ने अपने बयान में क्या दावे किए हैं?
डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि अगर ईरान पूरी तरह आत्मसमर्पण कर दे, तेहरान से अपनी सेना हटा ले, हथियार डाल दे और सरेंडर के दस्तावेजों पर दस्तखत भी कर दे, तो भी कुछ अमेरिकी मीडिया संस्थान और डेमोक्रेट्स इसे अलग तरीके से पेश करेंगे। उन्होंने विशेष रूप से ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’, ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ और ‘सीएनएन’ का नाम लिया। ट्रम्प के अनुसार, ये संस्थान इस पूरी स्थिति को अमेरिका के ऊपर ईरान की एक शानदार और बेहतरीन जीत के रूप में दिखाएंगे।
परमाणु समझौते और बातचीत पर क्या है अमेरिकी रुख?
ट्रम्प का रुख पहले ईरान से बिना शर्त आत्मसमर्पण कराने का था, लेकिन अब इसमें थोड़ा बदलाव आया है। अब अमेरिका का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार न हो। अमेरिकी प्रशासन के अधिकारियों ने साफ किया है कि अमेरिका केवल वही समझौता करेगा जो उसके हितों के अनुकूल होगा। इस बीच, ट्रम्प ने मध्य पूर्व में शांति के लिए बातचीत जारी रहने की उम्मीद जताई है, जिसमें 60 दिनों के संघर्ष विराम और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने जैसे मुद्दे शामिल हैं।
ईरान का इस पूरे मुद्दे पर क्या कहना है?
दूसरी तरफ, ईरानी अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि वे बिना गारंटी के किसी भी समझौते को स्वीकार नहीं करेंगे। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची और अन्य नेताओं ने मांग की है कि किसी भी परमाणु बातचीत से पहले प्रतिबंधों को हटाया जाए और सुरक्षा की गारंटी दी जाए। ईरान ने सरेंडर करने के दावों को भी पूरी तरह खारिज कर दिया है। दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण माहौल में बातचीत को लेकर असमंजस बना हुआ है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
डोनाल्ड ट्रम्प ने किन अमेरिकी मीडिया चैनलों पर निशाना साधा है?
डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने बयान में विशेष रूप से ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’, ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ और ‘सीएनएन’ का नाम लिया है और उन्हें पक्षपाती बताया है।
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के मुख्य बिंदु क्या हैं?
बातचीत में मुख्य रूप से 60 दिनों का संघर्ष विराम, होर्मुज जलडमरूमध्य से यातायात बहाल करना और ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना शामिल है।
ईरान ने समझौते को लेकर क्या शर्त रखी है?
ईरान ने साफ किया है कि जब तक उसके ऊपर से आर्थिक प्रतिबंध नहीं हटाए जाते और सुरक्षा की पक्की गारंटी नहीं मिलती, तब तक वह कोई समझौता नहीं करेगा।
