अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रही बातचीत के बीच एक बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वह ईरान के साथ केवल एक बेहतरीन डील पर ही दस्तखत करेंगे और कोई भी खराब समझौता उन्हें मंजूर नहीं होगा। इस समय अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता चल रही है जिसमें पाकिस्तान और कतर मध्यस्थता की भूमिका निभा रहे हैं। कुवैत न्यूज एजेंसी (KUNA) ने भी ट्रंप के इस बयान की पुष्टि की है।

ट्रंप ने समझौते को लेकर क्या रखी हैं शर्तें?

ट्रंप ने कैबिनेट बैठक में कहा कि ईरान समझौता करना चाहता है लेकिन अमेरिका अभी उनकी शर्तों से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है। ट्रंप के मुताबिक, समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) सभी देशों के लिए खुला रहना चाहिए और इस पर किसी एक देश का नियंत्रण नहीं होगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि अभी प्रतिबंधों को हटाने पर कोई चर्चा नहीं हो रही है। इससे पहले उन्होंने मांग की थी कि ईरान को अपना समृद्ध यूरेनियम (HEU) तुरंत अमेरिका को सौंपना होगा या फिर किसी सुरक्षित जगह पर नष्ट करना होगा।

ईरान की क्या हैं मांगें और उसका क्या है कहना?

ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक, ईरान ने समझौते के तुरंत बाद अपनी आधी फ्रीज संपत्तियों को जारी करने की मांग की है और बाकी की आधी संपत्ति 60 दिनों के भीतर देने को कहा है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने कहा कि समझौते के शुरुआती मसूदे में अमेरिकी नाकेबंदी को खत्म करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर व्यवस्था शामिल है। हालांकि, ईरान ने यह भी स्पष्ट किया कि वह जारी की गई संपत्तियों का इस्तेमाल अपने मिसाइल और ड्रोन प्रोग्राम को मजबूत करने के लिए करेगा।

इस पूरे मामले में अन्य देशों का क्या रुख है?

इस पूरे समझौते में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे देशों पर भी सबकी नजरें टिकी हैं। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने इस मामले में पाकिस्तान और अन्य देशों द्वारा की जा रही मध्यस्थता की कोशिशों का समर्थन किया है। दूसरी तरफ, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी साफ कर दिया है कि ईरान के पास किसी भी हालत में परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए और इजरायल अपनी सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ट्रंप ने ईरान के साथ समझौते को लेकर क्या बयान दिया है?

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान के साथ केवल एक बेहतरीन समझौता ही साइन करेंगे। उन्होंने साफ किया कि कोई भी कमजोर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और होर्मुज जलडमरूमध्य को सभी के लिए खुला रखना होगा।

ईरान ने समझौते के बदले में क्या मांगें रखी हैं?

ईरान ने अपनी फ्रीज की हुई आधी संपत्ति को तुरंत और बाकी की आधी संपत्ति को 60 दिनों के अंदर जारी करने की मांग रखी है, ताकि वह अपने मिसाइल और ड्रोन प्रोग्राम को बढ़ा सके।

इस बातचीत में कौन से देश मध्यस्थता कर रहे हैं?

अमेरिका और ईरान के बीच चल रही इस बातचीत में पाकिस्तान और कतर मुख्य रूप से मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं, जिसका चीन ने भी समर्थन किया है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.