पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने शुक्रवार 25 जुलाई 2026 को बड़ा बयान दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि ईरान अमेरिका के साथ समझौता करना चाहता है, लेकिन फिलहाल वे इसके लिए पूरी तरह तैयार नहीं हैं। व्हाइट हाउस में हुए एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका प्रशासन ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए अपनी नीति पर कायम है।
तनाव के बीच कूटनीति और सैन्य कार्रवाई
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की कोशिशें जारी हैं, हालांकि स्थिति अभी भी काफी गंभीर बनी हुई है। राष्ट्रपति ट्रंप ने 8 जुलाई को 17 जून 2026 को हुए समझौते (MOU) को खत्म करने की घोषणा की थी, जिसके बाद से दोनों देशों के बीच दूरियां बढ़ गईं। इस बीच ईरान ने इराक के प्रधानमंत्री Ali al-Zaidi के जरिए भेजे गए 15 सूत्रीय युद्धविराम प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि वे कूटनीति के साथ-साथ सैन्य विकल्पों पर भी नजर बनाए हुए हैं।
खाड़ी देशों की सुरक्षा पर असर
ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने जोर देकर कहा है कि ईरान अमेरिका की धमकियों के आगे नहीं झुकेगा और होर्मुज जलडमरूमध्य में अपने हितों की रक्षा करेगा। ताजा हालातों में 24 जुलाई को लगातार 13वीं रात अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य और समुद्री ठिकानों पर हमले किए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Bahrain और Kuwait ने भी पहली बार ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर सऊदी तेल टैंकरों पर हूती हमला जारी रहा, तो ईरान को बड़ी सैन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी हमलों से ईरान की नौसेना और वायु सेना की ताकत काफी कमजोर हो गई है।
