अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ समझौते को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। ट्रंप का कहना है कि ईरान वास्तव में अमेरिका और उसके सहयोगियों के साथ एक समझौता करना चाहता है, जो सभी के लिए अच्छा होगा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर अपने राजनीतिक विरोधियों को शांति से बैठने की सलाह दी है। ट्रंप ने साफ किया है कि इस समझौते की सबसे मुख्य शर्त यह होगी कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा और वह समझौता करने की जल्दबाजी में नहीं हैं।

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ट्रंप और ईरान के बीच समझौते की क्या हैं मुख्य शर्तें?

प्रस्तावित समझौते के नए मसौदे में कई महत्वपूर्ण बातें शामिल की गई हैं। इसमें मुख्य रूप से 60 दिनों के लिए युद्ध विराम और Strait of Hormuz को पूरी तरह से खोलने की बात कही गई है। इसके साथ ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर दोबारा बातचीत शुरू करने का ढांचा तैयार किया जा रहा है। डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि वह केवल ऐसा समझौता करेंगे जो अमेरिका के लिए फायदेमंद हो और उनकी शर्तों के दायरे में हो।

इस मामले पर ईरान और अमेरिकी प्रशासन का क्या रुख है?

इस प्रस्तावित समझौते को लेकर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हो पाया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्छी (Abbas Araghchi) का कहना है कि समझौता तभी संभव है जब अमेरिका अपनी अत्यधिक मांगें और विरोधाभासी रुख को छोड़ेगा। वहीं ईरान के विदेश मंत्रालय ने उन खबरों का खंडन किया है जिसमें कहा गया था कि वे अपने समृद्ध यूरेनियम को छोड़ देंगे। ईरान का कहना है कि उनका पूरा ध्यान युद्ध को समाप्त करने पर है और परमाणु मुद्दे पर कोई बातचीत नहीं हो रही है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका और ईरान के बीच समझौता फाइनल हो गया है?

नहीं, अभी तक किसी आधिकारिक समझौते की घोषणा नहीं हुई है। व्हाइट हाउस में हुई उच्च स्तरीय बैठक में भी इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं हो सका।

डोनाल्ड ट्रंप की इस समझौते में सबसे बड़ी शर्त क्या है?

ट्रंप की सबसे बड़ी और मुख्य शर्त यह है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार या बम नहीं बना सकेगा और उसे अपनी परमाणु गतिविधियों को बंद करना होगा।