अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे कूटनीतिक तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कैबिनेट बैठक में कहा है कि ईरान के नेता समझौता करना चाहते हैं, लेकिन अमेरिका मौजूदा स्थिति से संतुष्ट नहीं है। वहीं दूसरी तरफ, व्हाइट हाउस ने ईरानी सरकारी टेलीविजन की उस रिपोर्ट को पूरी तरह से खारिज कर दिया है, जिसमें दावा किया गया था कि दोनों देशों के बीच समुद्री नाकेबंदी को समाप्त करने के लिए एक समझौता तैयार हो गया है। व्हाइट हाउस ने इस रिपोर्ट को पूरी तरह से मनगढ़ंत बताया है।

ट्रंप ने ईरान के समझौते की इच्छा पर क्या कहा?

कैबिनेट बैठक के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के नेता डील करने के लिए बहुत उत्सुक हैं। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि अमेरिका अभी तक हुई प्रगति से संतुष्ट नहीं है। ट्रंप ने कहा कि या तो हम इस समझौते से संतुष्ट होंगे या फिर हमें अपने तरीके से काम पूरा करना होगा। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ओलिविया ने बताया कि बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है और राष्ट्रपति ट्रंप के नियम बिल्कुल स्पष्ट हैं। अमेरिका केवल ऐसा समझौता करेगा जो अमेरिकी लोगों के हित में हो और जिससे यह पक्का हो सके कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा।

ईरानी मीडिया के दावे को व्हाइट हाउस ने क्यों बताया फर्जी?

ईरान के सरकारी टेलीविजन ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि दोनों देशों ने एक समझौता ज्ञापन का मसौदा तैयार कर लिया है। इस रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ईरान के पास से अपनी सेना हटा लेगा और उसके बंदरगाहों से समुद्री नाकेबंदी हटा देगा। बदले में ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से व्यापारिक जहाजों की आवाजाही को फिर से सामान्य कर देगा। व्हाइट हाउस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया। व्हाइट हाउस ने लिखा कि ईरानी मीडिया की ओर से जारी किया गया समझौता ज्ञापन पूरी तरह से नकली है और इस पर कोई भी भरोसा न करे क्योंकि तथ्य सबसे ज्यादा मायने रखते हैं।

क्या है इस पूरे मामले का जमीनी सच?

दोनों देशों के बीच हाल ही में हुए सैन्य तनाव के बाद यह बातचीत चल रही है। जमीनी हकीकत यह है कि अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अभी तक कोई समझौता नहीं हुआ है। एक ईरानी अधिकारी ने भी इस बात की पुष्टि की है कि तेहरान और वाशिंगटन के बीच कोई सहमति नहीं बनी है। इसके अलावा, ईरान के खुफिया मंत्रालय ने कहा है कि अमेरिका और इजरायल का मुख्य उद्देश्य ईरान की सरकार को गिराना और देश को बांटना है। फिलहाल, अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी ईरानी जहाजों पर पूरी तरह लागू है और जब तक कोई अंतिम समझौता हस्ताक्षरित नहीं हो जाता, तब तक यह नाकेबंदी जारी रहेगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका और ईरान के बीच समुद्री नाकेबंदी खत्म करने का कोई समझौता हुआ है?

नहीं, व्हाइट हाउस और ईरानी अधिकारियों दोनों ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य या समुद्री नाकेबंदी को लेकर अभी तक कोई समझौता नहीं हुआ है। ईरानी मीडिया का दावा पूरी तरह से फर्जी है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का इस समझौते को लेकर क्या रुख है?

ट्रंप का कहना है कि ईरान समझौता चाहता है लेकिन अमेरिका मौजूदा शर्तों से संतुष्ट नहीं है। अमेरिका केवल तभी समझौता करेगा जब यह सुनिश्चित हो जाए कि ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बना सकेगा।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.