अमेरिका और ईरान के बीच चल रही सीजफायर बातचीत के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान सामने आया है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान के समृद्ध यूरेनियम को या तो अमेरिका को सौंपना होगा या फिर उसे किसी सुरक्षित और स्वीकार्य जगह पर नष्ट करना होगा। इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच चल रही परमाणु बातचीत में एक नया मोड़ आ गया है। दोनों देश पिछले कई महीनों से एक परमाणु शांति समझौते पर पहुंचने के लिए बातचीत कर रहे हैं।

🚨: America का Iran पर बड़ा हमला, मिसाइल लॉन्च पैड और नावों को किया तबाह, समझौते के बीच शुरू हुआ तनाव

ट्रंप ने बातचीत और नाकाबंदी को लेकर क्या कहा?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान के साथ बातचीत आगे बढ़ रही है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह समझौता या तो सभी के लिए बहुत अच्छा होगा या फिर कोई समझौता नहीं होगा। ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी टीम किसी जल्दबाजी में नहीं है और जब तक कोई औपचारिक समझौता नहीं हो जाता और उस पर हस्ताक्षर नहीं हो जाते, तब तक ईरान पर अमेरिकी नाकाबंदी पूरी तरह लागू रहेगी। ट्रंप चाहते हैं कि परमाणु सामग्री को नष्ट करने की पूरी प्रक्रिया परमाणु ऊर्जा आयोग की देखरेख में की जाए।

इस समझौते को लेकर ईरान और इसराइल का क्या रुख है?

ईरान के राष्ट्रपति मससूद पेज़ेश्कियान ने कहा है कि उनका देश दुनिया को यह भरोसा देने के लिए तैयार है कि वे परमाणु हथियार नहीं बना रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि ईरान का प्रतिनिधिमंडल देश के सम्मान और गरिमा के साथ कोई समझौता नहीं करेगा। उधर रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी सीजफायर समझौते के तहत अपना समृद्ध यूरेनियम सौंपने की बात से इनकार किया है।

दूसरी तरफ इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रंप के साथ बातचीत में सहमति जताई है कि किसी भी अंतिम समझौते से परमाणु खतरा पूरी तरह खत्म होना चाहिए। इसराइल को चिंता है कि इस समझौते से ईरान को अपनी आर्थिक और सैन्य स्थिति सुधारने का मौका मिल सकता है, जो आने वाले समय में उनके लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या ईरान अपना यूरेनियम अमेरिका को सौंपने के लिए तैयार हो गया है?

ईरान ने सार्वजनिक रूप से अपना यूरेनियम सौंपने की बात स्वीकार नहीं की है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने सीजफायर समझौते में किसी भी समृद्ध यूरेनियम को सौंपने की बात से साफ इनकार किया है।

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे इस समझौते का मुख्य प्रारूप क्या है?

प्रस्तावित समझौता दो चरणों में हो सकता है। पहले चरण में अमेरिका द्वारा नाकाबंदी हटाने के बदले ईरान हॉर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत खोलेगा, और दूसरे चरण में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत होगी।

ईरान पर अमेरिकी नाकाबंदी कब तक जारी रहेगी?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि जब तक कोई अंतिम समझौता तैयार, प्रमाणित और हस्ताक्षरित नहीं हो जाता, तब तक ईरान पर अमेरिकी नाकाबंदी पूरी तरह से लागू रहेगी।