अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के साथ युद्ध विराम यानी ceasefire को खत्म कर दिया है। उन्होंने साफ कह दिया है कि आज रात ईरान पर फिर से बड़े हमले हो सकते हैं। दोनों देशों के बीच तनाव इतना बढ़ गया है कि अब खाड़ी क्षेत्र में युद्ध का खतरा मंडराने लगा है।
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ईरान और अमेरिका के बीच क्या हुआ
अमेरिका ने 7 और 8 जुलाई के बीच ईरान के अंदर 80 से ज़्यादा ठिकानों पर हमला किया। इनमें मिसाइल, ड्रोन और बंदरगाह जैसी जगहें शामिल थीं। अमेरिका ने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि ईरान ने 6 से 7 जुलाई के बीच Strait of Hormuz में तीन व्यापारिक जहाजों पर हमला किया था।
जवाब में ईरान की Revolutionary Guard ने 8 जुलाई को बहरीन (Bahrain) और कुवैत (Kuwait) में अमेरिका के 85 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। कुवैत ने बताया कि उन्होंने आने वाली मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही रोक लिया, जबकि बहरीन में मिसाइल अलर्ट के सायरन बजाए गए।
ईरान में धमाके और आर्थिक पाबंदियां
ईरानी मीडिया के मुताबिक उनके अपने देश में भी कई जगह धमाके हुए, जिनमें Qeshm Island, Sirik, Bandar Abbas और Bushehr शामिल हैं। Sirik में कुछ लोगों की जान भी गई है। इसी बीच अमेरिका के Treasury Department ने ईरान को तेल बेचने की छूट भी खत्म कर दी है, जिसे ईरान ने समझौते का उल्लंघन बताया है।
बड़े नेताओं के बयान
President Trump ने ईरानी नेताओं के लिए बहुत सख्त शब्दों का इस्तेमाल किया और कहा कि अमेरिका ने पिछली रात ईरान को कड़ी चोट पहुँचाई है और आज रात फिर ऐसा हो सकता है। US Central Command (CENTCOM) ने कहा कि ये हमले ईरान द्वारा जहाजों पर किए गए अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का जवाब हैं ताकि उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़े।
दूसरी तरफ, NATO के Secretary General Mark Rutte ने अमेरिकी हमलों को ज़रूरी बताया। वहीं EU की foreign affairs chief Kaja Kallas ने ईरान के हमलों को अस्वीकार्य बताया है। UN की International Maritime Organization (IMO) ने भी व्यापारिक जहाजों और नाविकों पर हुए हमलों की निंदा की है।
