अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक की है। इस बैठक में ईरान पर संभावित सैन्य हमलों के विकल्पों पर विस्तृत चर्चा की गई है। इस बैठक के बाद खाड़ी क्षेत्र में सैन्य तनाव काफी बढ़ गया है और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। सऊदी अरब के आधिकारिक मीडिया स्रोतों ने भी इस आपातकालीन बैठक की पुष्टि की है।

राष्ट्रपति ट्रम्प की चेतावनी और अमेरिकी सेना की कार्रवाई

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने स्पष्ट किया है कि ईरान बातचीत की प्रक्रिया को जानबूझकर लंबा खींच रहा है और अमेरिका के साथ मज़ाक कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान को इसकी भारी कीमत चुकानी होगी और अमेरिका किसी भी समय उस पर बड़ा हमला कर सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं हो सकते हैं। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इससे पहले 9 जून 2026 को ईरान के हवाई रक्षा ठिकानों, राडार साइटों और ग्राउंड कंट्रोल स्टेशनों पर कई हमले किए थे। यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराए जाने के जवाब में की गई थी।

ईरान का जवाबी हमला और खाड़ी देशों में तनाव का माहौल

अमेरिकी कार्रवाई के जवाब में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने भी बड़ी कार्रवाई की घोषणा की है। ईरान की ओर से जॉर्डन में अमेरिकी बेस के साथ-साथ कुवैत और बहरीन सहित खाड़ी क्षेत्र में कुल 21 ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइलें और ड्रोन दागे गए हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ने कहा है कि उनका देश किसी भी हमले या खतरे को बिना जवाब दिए नहीं छोड़ेगा। उन्होंने क्षेत्र में मौजूद विदेशी सैनिकों को सुरक्षा के लिए यह इलाका छोड़ने की चेतावनी दी है। अमेरिकी प्रतिबंधों के नए दौर के बीच ईरान के विदेश मंत्रालय ने संकेत दिया है कि इन घटनाओं से कूटनीतिक बातचीत का रास्ता बंद हो रहा है।

शांति स्थापना के लिए कूटनीतिक प्रयास और वैश्विक चिंता

खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच कतर ने दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की कोशिशें शुरू कर दी हैं और कतरी वार्ताकार इस सिलसिले में तेहरान पहुंचे हैं। वहीं दूसरी ओर सऊदी अरब ने ईरान की ओर से किए गए इन हमलों की कड़ी निंदा की है। रूस और चीन ने भी इस स्थिति पर अपनी गहरी चिंता जताई है और दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है ताकि इस क्षेत्र को किसी बड़े युद्ध से बचाया जा सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सिचुएशन रूम में आपात बैठक क्यों बुलाई?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान द्वारा बातचीत में देरी करने और अमेरिकी हेलीकॉप्टर गिराए जाने के बाद उत्पन्न हुए हालात पर सैन्य विकल्पों पर चर्चा के लिए यह बैठक बुलाई थी।

अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने क्या कार्रवाई की है?

ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डे और कुवैत, बहरीन सहित खाड़ी क्षेत्र के अन्य 21 ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं।

इस तनाव को कम करने के लिए कौन से देश प्रयास कर रहे हैं?

कतर इस मामले में मध्यस्थता कर रहा है और उसके वार्ताकार तेहरान गए हैं, जबकि रूस और चीन ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com