अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान के ज़्यादातर बड़े नेता अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं की वजह से मारे गए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच आमने-सामने की बातचीत बिना किसी समझौते के खत्म हो गई है।

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ईरान के नेताओं पर क्या हुआ हमला

मार्च 2026 में अमेरिका ने ‘Operation Epic Fury’ नाम का एक सैन्य अभियान चलाया था। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने आधिकारिक तौर पर बताया कि इस हमले में सुप्रीम लीडर Ali Khamenei समेत 49 ईरानी नेता मारे गए थे। Donald Trump ने इस कार्रवाई को ईरान के परमाणु हथियार बनाने के खतरे को रोकने के लिए ज़रूरी बताया था।

बातचीत क्यों नहीं हो पाई और क्या हैं खतरे

12 अप्रैल 2026 को अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत हुई लेकिन दोनों देशों के बीच कोई सहमति नहीं बन पाई। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि ईरान परमाणु हथियारों का रास्ता छोड़ने को तैयार नहीं था। इस बीच Trump ने चेतावनी दी थी कि अगर शर्तें नहीं मानी गईं तो ईरान के पुल, पावर प्लांट और पानी के प्लांट तबाह किए जा सकते हैं। उन्होंने Strait of Hormuz की नाकेबंदी करने का संकेत भी दिया था।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.