अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा गंभीर तनाव अब एक बेहद संवेदनशील मोड़ पर आ गया है। 7 जून 2026 को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि अमेरिका और ईरान एक समझौते पर पहुंचने के बहुत करीब आ चुके हैं। यह बयान ऐसे समय पर आया है जब ईरान ने कुवैत, बहरीन और इसराइल पर ताबड़तोड़ मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। हालांकि, ट्रम्प का कहना है कि इन हमलों से किसी को कोई नुकसान या चोट नहीं पहुंची है, और दोनों देश जंग को खत्म करने के लिए बातचीत के रास्ते तलाश रहे हैं।

🚨: Trump ने Netanyahu को मिलाया फ़ोन, बोले अब ईरान पर मत करना जवाबी हमला, दोनों देशों का बहुत हुआ तमाशा.

ईरान के मिसाइल हमलों और समझौते पर ट्रम्प ने क्या कहा?

डोनाल्ड ट्रम्प ने एनबीसी न्यूज और फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में बताया कि अमेरिका और ईरान समझौते के बेहद करीब हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान पर लगे प्रतिबंधों को हटाने या उसके जब्त पैसे को वापस करने का फैसला शुरुआत में नहीं होगा। पहले ईरान को बातचीत की मेज पर आकर अपने व्यवहार में बदलाव दिखाना होगा। वहीं दूसरी ओर, ईरान के सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई के सैन्य सलाहकार मोहसिन रजाई ने कहा है कि बातचीत फिलहाल रुकी हुई है और गेंद अब ट्रम्प के पाले में है। ईरान का कहना है कि अमेरिका को भरोसा बहाल करने के लिए पहले उसके अरबों डॉलर के फंड को अनफ्रीज करना चाहिए। इस पूरी बातचीत में पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।

खाड़ी देशों और इसराइल पर हुए हमलों की क्या है स्थिति?

7 जून 2026 को ईरान ने बहरीन, कुवैत और इसराइल को निशाना बनाकर कई मिसाइल और ड्रोन दागे थे। अमेरिकी और सहयोगी सेनाओं ने सतर्कता बरतते हुए इनमें से ज्यादातर हमलों को हवा में ही मार गिराया। सऊदी अरब के समाचार आउटलेट ‘अखबार 24’ के मुताबिक, इन हमलों में किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। इस हमले के जवाब में अमेरिकी सेना ने कार्रवाई करते हुए ईरान के गोरुक और केश्म द्वीप पर बने तटीय रडार ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। इसके साथ ही, इसराइल ने भी लेबनान की राजधानी बेरुत में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर जोरदार हमले किए हैं।

क्या अमेरिका सैन्य कार्रवाई के लिए भी तैयार है?

अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने पुष्टि की है कि राष्ट्रपति ट्रम्प का पूरा ध्यान ईरान के साथ एक बड़ा समझौता हासिल करने पर केंद्रित है। लेकिन इसके साथ ही उन्होंने यह साफ कर दिया कि अगर कूटनीतिक रास्ते और बातचीत नाकाम रहती है, तो अमेरिकी सेना किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार खड़ी है। इस तनावपूर्ण संघर्ष को शुरू हुए अब 100 दिन पूरे हो चुके हैं। ट्रम्प ने इस संकट को टालने के लिए इसराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को तुरंत जवाबी हमला न करने की सलाह दी है ताकि मध्य पूर्व में स्थिति और ज्यादा न बिगड़े।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या ईरान के ताजा मिसाइल हमलों में कोई नुकसान हुआ है?

7 जून 2026 को कुवैत, बहरीन और इसराइल पर हुए मिसाइल हमलों को अमेरिकी सेना ने हवा में ही नष्ट कर दिया, जिससे इन हमलों में किसी भी व्यक्ति के हताहत होने की खबर नहीं है।

बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए ईरान की मुख्य शर्त क्या है?

ईरान की मांग है कि अमेरिका सबसे पहले उसके जब्त किए गए अरबों डॉलर के फंड को जारी करे, जिसे वह बातचीत के लिए जरूरी कदम मान रहा है।

इस बातचीत में कौन सा देश मध्यस्थता कर रहा है?

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे इस बड़े विवाद को सुलझाने और बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए पाकिस्तान मध्यस्थ के रूप में काम कर रहा है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.