अमेरिका ने ईरान पर लगे पुराने प्रतिबंधों में ढील दे दी है जिससे अब ईरान अपना तेल बेच सकेगा। इसी बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को नसीहत दी है कि वह तेल से मिलने वाले पैसों का इस्तेमाल अपनी सेना बनाने के बजाय लोगों के खाने और उनकी ज़िंदगी बेहतर करने के लिए करे। यह पूरा मामला दोनों देशों के बीच चल रही शांति बातचीत से जुड़ा है।

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तेल प्रतिबंधों में मिली छूट

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने एक जनरल लाइसेंस जारी किया है जिसके तहत 21 अगस्त 2026 तक ईरान कच्चे तेल और पेट्रोकेमिकल्स का सामान बेच सकता है। वाशिंगटन और तेहरान के बीच पिछले हफ्ते एक समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे जिसके बाद यह कदम उठाया गया है।

6 अरब डॉलर के फंड का इस्तेमाल

एक अंतरिम समझौते के तहत ईरान को कतर में जमा अपने 6 अरब डॉलर के तेल राजस्व तक पहुंच मिलेगी। सरकार ने साफ़ किया है कि इस पैसे का इस्तेमाल सिर्फ मानवीय मदद, जैसे कि खाना और दवाइयां खरीदने के लिए किया जाएगा। इस व्यवस्था से ईरान को आर्थिक राहत मिलेगी लेकिन खर्च पर कड़ी नज़र रखी जाएगी।

ईरान सरकार का बयान

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बताया कि स्विट्जरलैंड में हुई बातचीत के बाद ईरान को तेल और पेट्रोकेमिकल निर्यात में छूट मिली है। उन्होंने यह भी कहा कि विदेशों में जमा कुछ फ्रीज़ संपत्तियों को वापस लिया गया है और पुनर्निर्माण योजना की शुरुआत की गई है।

ट्रंप की चेतावनी और दावे

डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की सेना खत्म हो चुकी है और उसकी अर्थव्यवस्था पूरी तरह टूट चुकी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर यह भी चेतावनी दी कि अगर लेबनान में ईरान के समर्थक परेशानी पैदा करेंगे तो अमेरिका फिर से हमला कर सकता है। ट्रंप ने कहा कि अब होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुला है और तेल का बहाव जारी है।

तेल निर्यात में तेज़ी

प्रतिबंधों में थोड़ी ढील मिलते ही ईरान के तेल निर्यात में भारी उछाल आया है। 15 जून के बाद से सिर्फ छह दिनों के अंदर ईरान ने लगभग 3.6 करोड़ बैरल तेल निर्यात किया है। इसके अलावा 3.6 करोड़ बैरल तेल अभी भी ईरानी पानी में जहाजों पर लदा हुआ है।

शांति वार्ता का माहौल

यह सब तब हो रहा है जब अमेरिका और ईरान के बीच उच्च स्तरीय बातचीत चल रही है। इस बातचीत में कतर और पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। दोनों देशों का लक्ष्य अगले 60 दिनों के भीतर एक अंतिम समझौते पर पहुंचना है। इसके लिए स्विट्जरलैंड में एक हाई लेवल कमेटी बनाई गई है जो परमाणु मुद्दों और प्रतिबंधों की निगरानी करेगी।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.