अमेरिकी नेता डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा है कि जो देश इस समुद्री रास्ते से तेल मंगाकर फायदा उठा रहे हैं, अब उन्हें ही इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी उठानी होगी। ट्रंप के अनुसार अमेरिका इस क्षेत्र में सीधे तौर पर हस्तक्षेप नहीं करेगा और इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को सुरक्षित रखने का जिम्मा उन देशों का है जो यहाँ से अपना कारोबार करते हैं।

अमेरिका का रुख और ट्रंप की चेतावनी

ट्रंप ने पिछले कुछ दिनों में कई बार यह बात दोहराई है कि अमेरिका अब होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा देने के लिए आगे नहीं आएगा। 1 अप्रैल 2026 को दिए गए अपने बयान में उन्होंने स्पष्ट किया कि इस म़ार्ग को खुला रखने की जिम्मेदारी पूरी तरह से उन देशों पर है जो यहाँ से तेल की आवाजाही करते हैं। ट्रंप ने उन देशों को भी आड़े हाथों लिया जो ईरान के खिलाफ अमेरिकी हमलों में मदद नहीं कर रहे हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि जो देश मुश्किल का सामना कर रहे हैं, वे अमेरिकी तेल खरीदें और खुद होर्मुज जाकर वहां का नियंत्रण संभालें।

वैश्विक असर और विभिन्न देशों का स्टैंड

होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव और ट्रंप के बयानों का असर दुनिया भर के देशों पर पड़ रहा है। कई देशों ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है और कुछ देश शांति की कोशिशों में लगे हैं। इस स्थिति को नीचे दी गई जानकारी से समझा जा सकता है:

  • चीन और पाकिस्तान ने इस युद्ध को खत्म करने और जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए एक पांच सूत्रीय योजना पेश की है।
  • जापान, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी जैसे देशों ने फिलहाल अपने युद्धपोत वहां भेजने से मना कर दिया है।
  • ब्रिटेन और फ्रांस की ट्रंप ने विशेष रूप से आलोचना की है क्योंकि वे वर्तमान संघर्ष में सहयोग नहीं कर रहे हैं।
  • ईरान की ओर से कुछ नरमी के संकेत मिले हैं और उसने सम्मान के तौर पर लगभग 20 तेल जहाजों को वहां से गुजरने की अनुमति दी है।
  • ट्रंप का मानना है कि ईरान पूरी तरह से पस्त हो चुका है और अमेरिका के हटने के बाद यह रास्ता अपने आप खुल जाएगा।
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.