अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वह ईरान के साथ किसी भी समझौते को लेकर जल्दबाजी नहीं करेंगे क्योंकि समय उनके साथ है और वह इसमें कोई गलती नहीं होने देना चाहते। इस बीच अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि दोनों देशों के बीच बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है लेकिन जब तक समझौता अंतिम रूप नहीं ले लेता तब तक ईरान पर समुद्री प्रतिबंध जारी रहेंगे।
ट्रंप ने ईरान समझौते को लेकर क्या नियम तय किए हैं?
डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी बातचीत करने वाली टीम को निर्देश दिए हैं कि वह किसी भी समझौते में जल्दबाजी न दिखाएं। ट्रंप का मानना है कि दोनों पक्षों को पूरा समय लेना चाहिए ताकि समझौते में कोई बड़ी कमी न रह जाए। उनका कहना है कि दोनों देशों के बीच समझौते का काफी हिस्सा तय हो चुका है लेकिन आखिरी फैसला होना अभी बाकी है।
ट्रंप ने यह भी साफ किया है कि जब तक यह समझौता पूरी तरह तय, प्रमाणित और हस्ताक्षरित नहीं हो जाता, तब तक ईरान के बंदरगाहों और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी पूरी तरह लागू रहेगी। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी अपनी भारत यात्रा के दौरान कहा है कि बातचीत में काफी अच्छी प्रगति हुई है।
इजराइल और ईरान के नेताओं ने इस पर क्या कहा?
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और डोनाल्ड ट्रंप के बीच इस मामले पर फोन पर बातचीत हुई है। ट्रंप ने इजराइल को भरोसा दिया है कि वह तब तक किसी समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे जब तक ईरान अपने पूरे परमाणु कार्यक्रम को खत्म नहीं कर देता और समृद्ध यूरेनियम को अपने क्षेत्र से बाहर नहीं निकाल देता। बातचीत के दौरान नेतन्याहू ने लेबनान सहित किसी भी खतरे के खिलाफ इजराइल की कार्रवाई की आजादी की बात कही है।
दूसरी ओर ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने माना है कि तेहरान और वाशिंगटन की स्थिति पहले से करीब आई है, लेकिन अभी भी कुछ मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं जिन्हें सुलझाने के लिए समझौता ज्ञापन पर काम किया जा रहा है।
इस समझौते में किन-किन देशों की भूमिका है?
इस बातचीत में पाकिस्तान एक मध्यस्थ के रूप में काम कर रहा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर इस बातचीत का हिस्सा रहे हैं। शहबाज़ शरीफ ने शांति के प्रयासों के लिए ट्रंप की तारीफ भी की है।
इसके अलावा डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब, बहरीन, मिस्र, जॉर्डन, कतर, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और तुर्की के नेताओं के साथ भी इस समझौते को लेकर चर्चा की है। जल्द ही इस समझौते को लेकर कोई बड़ा ऐलान हो सकता है जिसमें जंग को खत्म करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने की बात शामिल है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या ट्रंप ने ईरान पर से समुद्री नाकेबंदी हटा दी है?
नहीं, ट्रंप ने साफ किया है कि जब तक समझौता पूरी तरह से फाइनल और हस्ताक्षरित नहीं हो जाता, तब तक अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी पूरी तरह से लागू रहेगी।
ईरान के साथ समझौते में इजराइल की क्या मांग है?
इजराइल चाहता है कि ईरान अपना पूरा परमाणु कार्यक्रम बंद करे और अपने देश से सारा समृद्ध यूरेनियम बाहर निकाले। ट्रंप ने इजराइल को इस बात का आश्वासन दिया है।
इस समझौते की मध्यस्थता में कौन से देश शामिल हैं?
इस बातचीत में पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। इसके साथ ही ट्रंप ने सऊदी अरब, यूएई, कतर, बहरीन और मिस्र जैसे प्रमुख देशों के नेताओं के साथ भी चर्चा की है।