अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका को ईरान के सभी ड्रोन कारखानों की सटीक जानकारी है। उन्होंने बताया कि हालांकि ईरान के अधिकांश ड्रोन कारखानों और मिसाइल बनाने वाले क्षेत्रों को तबाह कर दिया गया है, लेकिन फिर भी ईरान के पास अभी भी लगभग 21 से 22 प्रतिशत मिसाइलें और कुछ ड्रोन बनाने की क्षमता बची हुई है। इस बीच खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है और सुरक्षा को लेकर एजेंसियां सतर्क हैं।

ईरान और अमेरिकी सेना के बीच समुद्र में बढ़ा तनाव

5 जून 2026 को ईरानी नौसेना ने दावा किया कि उसने ओमान की खाड़ी में अमेरिकी युद्धपोतों पर चेतावनी मिसाइलें दागीं और ड्रोन भेजे, जिससे अमेरिकी जहाजों को पीछे हटना पड़ा। हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है। CENTCOM ने साफ किया कि ईरानी सेना ने अमेरिकी नौसेना पर कोई हमला नहीं किया है और ऐसी हरकतें युद्धविराम का सीधा उल्लंघन हैं। अमेरिकी सेना क्षेत्र में लगातार गश्त कर रही है और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए हुए है।

कुवैत एयरपोर्ट और अमेरिकी ठिकानों पर हुए हमले

तनाव की स्थिति कितनी गंभीर है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 3 जून 2026 को कुवैत के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी ईरानी मिसाइल और ड्रोन से हमला हुआ था, जिससे वहां काफी नुकसान हुआ और लोग हताहत हुए। वहीं, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने भी अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया था। अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, छह हफ्तों के युद्धविराम का फायदा उठाकर ईरान ने अपने सैन्य कारखानों को बहुत तेजी से दोबारा खड़ा किया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरान की सैन्य ताकत को लेकर क्या कहा?

राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि ईरान के अधिकांश ड्रोन कारखाने और मिसाइल ठिकाने नष्ट हो चुके हैं, लेकिन ईरान के पास अभी भी अपनी कुल मिसाइल क्षमता का 21% से 22% हिस्सा सुरक्षित बचा हुआ है।

क्या ईरान ने हाल ही में अमेरिकी युद्धपोतों पर हमला किया था?

ईरानी सेना ने अमेरिकी जहाजों पर मिसाइलें दागने का दावा किया था, लेकिन अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस दावे को पूरी तरह से झूठा और खारिज कर दिया है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.