अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 9 मार्च 2026 को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को लेकर बड़ी बात कही है। उन्होंने दावा किया कि यह समुद्री रास्ता अब पूरी तरह सुरक्षित है और खुला हुआ है। ट्रंप ने शिपिंग कंपनियों को बिना डरे अपने जहाज यहां से ले जाने की सलाह दी है। हालांकि इस तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में भारी तेजी देखी गई और यह 119 डॉलर प्रति बैरल के पास पहुंच गई है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और तेल के कारोबार से जुड़े लोगों के लिए यह खबर काफी अहम मानी जा रही है।

होर्मुज की सुरक्षा पर ट्रंप ने क्या दावा किया?

राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान की नौसेना को काफी नुकसान पहुंचाया है और अब वह कोई बड़ी चुनौती नहीं दे सकती। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने तेल के टैंकरों को रोकने की कोशिश की तो उन पर इतना हमला किया जाएगा कि वे कभी उबर नहीं पाएंगे। व्हाइट हाउस की तरफ से यह भी बताया गया है कि अमेरिकी नेवी जरूरत पड़ने पर टैंकरों को सुरक्षा के साथ रास्ता पार कराएगी। ट्रंप के इस बयान का मकसद दुनिया के बाजारों को यह भरोसा दिलाना है कि तेल की सप्लाई नहीं रुकेगी।

तेल की कीमतों और शिपिंग कंपनियों पर क्या असर हुआ?

ट्रंप के भरोसे के बाद भी बाजार में डर बना हुआ है और शिपिंग कंपनियां अभी भी जोखिम लेने से बच रही हैं। तेल की बढ़ती कीमतों और शिपिंग के खर्चों का ब्यौरा नीचे दिया गया है:

विवरण कीमत / डेटा
Brent Crude Oil $119.50 प्रति बैरल तक पहुंचा
WTI Oil $119.48 प्रति बैरल का हाई स्तर
शिपिंग सरचार्ज (MSC/CMA) $2,000 से $4,000 प्रति कंटेनर
बीमा फंड (DFC) $20 बिलियन डॉलर की घोषणा

महत्वपूर्ण बात यह है कि Maersk और Hapag-Lloyd जैसी बड़ी कंपनियां अभी भी इस रास्ते को छोड़कर अफ्रीका के केप ऑफ गुड होप से होकर जा रही हैं। इससे जहाजों को पहुंचने में 10 से 14 दिन का ज्यादा समय लग रहा है। ईरान ने भी ट्रंप के दावे को गलत बताते हुए कहा है कि यह रास्ता उनके कब्जे में है। इस पूरे तनाव का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ सकता है क्योंकि शिपिंग और तेल महंगा होने से सामान की कीमतें बढ़ सकती हैं।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.