अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के खिलाफ चलाए जा रहे सैन्य अभियान ‘Operation Project Freedom’ को फिलहाल रोकने का ऐलान किया है। यह फैसला 6 मई 2026 को Truth Social पर एक पोस्ट के जरिए बताया गया। ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ एक पूर्ण और अंतिम शांति समझौते की दिशा में काफी बड़ी कामयाबी मिली है।
शांति समझौते की क्या है स्थिति और ट्रंप की चेतावनी
ईरान ने 3 मई 2026 को शांति के लिए 14 बिंदुओं का एक प्रस्ताव अमेरिका को भेजा था। Donald Trump इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रहे थे। हालांकि, ट्रंप ने यह भी साफ कर दिया है कि अगर यह समझौता नहीं हुआ तो बमबारी फिर से शुरू होगी। उन्होंने चेतावनी दी है कि इस बार हमला पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा भीषण और बड़े स्तर पर होगा।
बाजार पर असर और समुद्री नाकेबंदी का हाल
ट्रंप के इस ऐलान के बाद दुनिया भर के शेयर बाजारों में उछाल आया और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। वहीं, ‘Operation Project Freedom’ को रोकने की मांग पाकिस्तान और कुछ अन्य देशों ने भी की थी। यह ध्यान रखना जरूरी है कि ऑपरेशन रुकने के बाद भी Strait of Hormuz पर अमेरिकी नौसेना की समुद्री नाकेबंदी अब भी जारी है।
अमेरिकी सरकार और कानूनी नियम
अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने ईरान पर आरोप लगाया है कि उसने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को बंधक बना रखा है। वहीं, युद्ध मंत्री Pete Hegseth ने भी इस मिशन पर अपनी बात रखी है। अमेरिकी नियमों के मुताबिक, 1973 के War Powers Resolution के तहत राष्ट्रपति को सैन्य कार्रवाई के 48 घंटे के भीतर कांग्रेस को सूचना देनी होती है और 60 दिनों के बाद सेना वापस बुलानी होती है जब तक कांग्रेस मंजूरी न दे दे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Operation Project Freedom क्या था
यह अमेरिका का एक सैन्य अभियान था जिसका मुख्य मकसद Strait of Hormuz के जरिए जहाजों को सुरक्षित रास्ता देना और गाइड करना था।
क्या अमेरिका ने ईरान की नाकेबंदी पूरी तरह हटा ली है
नहीं, Operation Project Freedom को भले ही रोक दिया गया है, लेकिन Strait of Hormuz पर अमेरिकी नौसेना की समुद्री नाकेबंदी अब भी जारी है।